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3 दिसंबर, 2020|7:00|IST

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चुपके से घर पहुंचे श्रमिक बने मुसीबत

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तमाम पाबंदियों के बीच चुपके से तमाम श्रमिक घर पहुंच गए। इन लोगों को पुलिस प्रशासन नहीं पकड़ सका। इनसे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। ऐसे श्रमिकों की तलाश में एसडीएम ने निगरानी समितियों को लगा दिया है। जिससे किसी तरह इनका मेडिकल चेकअप करवाया जा सके।

मुरादाबाद जिले में कितने श्रमिक चुपके से आए हैं यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका। जिले की ठाकुरद्वारा तहसील में दो संक्रमित मरीजों ने अफसरों के होश उड़ा दिए हैं। अभी तक यह तय नहीं हो पा रहा है कि बाकी तहसीलों में कितने ऐसे श्रमिक हैं जिनके चेकअप नहीं हुए और उनसे कोरोना का संक्रमण फैल सकता है। कांठ में पूर्व में तीन गावों मे जमातियों की वजह से पांच लोगों को कोरोना फैल गया था। इसके बाद सदर तहसील के भगतपुर में महाराष्ट्र से लौटे दो लोगों को कोरोना निकला। पाकबड़ा मे एक कंपाउंडर अस्पताल से संक्रमित हुआ तो केस पकड़ में आ गया। बिलारी में कोरोना पॉजटिव की मौत हो चुकी पर उसकी हिस्ट्री पहेली बनी। इन सबसे ज्यादा खतरा छिपे श्रमिक हैं। एसडीएम सदर हिमांशु वर्मा ने कहा कि निगरानी समितियों के माध्यम से हर घर का सर्वे करवाया जा रहा है जिससे कहीं कोई व्यक्ति आया हो तो उसकी जानकारी मिल सके। बीडीओ के माध्यम से हर दिन की सूचना इकट्ठी की जा रही है। निगरानी समितियों में शहरी क्षेत्रों में पार्षद और ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधानों को अध्यक्ष बनाया गया है जिससे किसी भी व्यक्ति की जानकारी समय से मिल सके।

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  • Web Title:Workers reached home secretly became a trouble