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18 अक्तूबर, 2020|7:48|IST

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खतौनी की तरह मिलेगी ग्रामीणों को घरौनी

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मुरादाबाद। पश्चिमी यूपी में स्वामित्व योजना के तहत काम सुस्त है। गांव गांव आवासीय अभिलेखों के चिन्हीकरण में विलंब हो रहा है। जब तक संपत्ति चिन्हांकन का काम नहीं होगा ड्रोन से इसका मैप नहीं बन सकता। जिस तरह खेतों की खतौनी होती है इसी तरह आवासीय संपत्ति की घरौनी उपलब्ध करवाई जाएगी। संपत्ति का रिकार्ड एक क्लिक में देखा जा सकेगा।

स्वामित्व योजना के तहत मुरादाबाद समेत प्रदेश भर में गांव गांव आवासीय अभिलेखों का नक्शा तैयार किया जा रहा है। पूर्वांचल के जिलों में यह काम काफी तेजी से हो रहा है। मुरादाबाद जिले की चारों तहसीलों में काम चल तो रहा है पर अभी काम सुस्त है। इस व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों की आवासीय संपत्ति का ब्यौरा व्यवस्थित हो जाएगा। ग्रामीणों के पास अभी तक आवासीय परिसर का रिकार्ड नहीं था इससे बैंकों से ऋण मिलने में भी आसानी हो जाएगी। एक यूनिक आईडी इस संपत्ति की जनरेट होगी जो स्वामियों के लिए काफी कारगर साबित होगी। मुरादाबाद सदर, कांठ, बिलारी और ठाकुरद्वारा में इस पर काम चल रहा है। एडीएम प्रशासन लक्ष्मी शंकर सिंह कहते हैं कि इस व्यवस्था को तेजी से पूरा करवाया जा रहा है।

हर घर का लेखाजोखा होगा, एक क्लिक में सामने आएगा

शासन प्रशासन के पास हर आवासीय परिसर का रिकार्ड होगा। इसमें अवैध कब्जों की संभावना नहीं रहेगी। जो आवासीय परिसर या जगह सरकारी है वह भी आसानी से अलग हो जाएगी। इसके लिए शासन स्तर से तेजी से काम पूरा करने को कहा गया है। हर एक भूखंड की यूनिक आईडी होगी, क्षेत्रफल, आसपास चौहद्दी में स्थित आवासीय परिसर का पूरा ब्योरा होगा।

स्वामित्व कार्ड को लिंक से कर सकेंगे डाउनलोड

आवासीय परिसर का स्वामित्व कार्ड स्वामी मोबाइल पर मिलने वाले एसएमएस के जरिए भेजे गए लिंक के माध्यम से डाउनडोल कर सकेंगे। इसके बाद इसे वितरित भी किया जाएगा। एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना की खूबियों के बारे में बताया है।

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  • Web Title:Villagers will get house like Khatouni