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रवि की अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब, छलके आंसू

रवि की अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब, छलके आंसू

जांबाज रवि कुमार के दिल में जिस तरह दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर तिरंगा फहराने का जुनून था अपनी जान की परवाह नहीं करके उसे पूरा किया ठीक उसी तरह शहरवासियों ने भी अपने इस जांबाज की अंतिम विदाई को यादगार बना देने का जुनून दिखाया। गुरुवार को रवि कुमार की अंतिम विदाई में जनसैलाब उमड़ पड़ा। रवि कुमार अमर रहे...जब तक सूरज चांद रहेगा रवि कुमार का नाम रहेगा...गूंजते नारों के बीच उसे हर दिल ने नमन किया तो हर आंख नम नजर आई। पर्वतारोही रवि कुमार का शव अंतिम दर्शनों के लिए सुबह सिविल लाइन स्थित अंबेडकर पार्क में रखा गया जहां उसे श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लग गया। हर वर्ग हर उम्र के लोग उसे श्रद्धासुमन अर्पित करने पहुंचे। सुबह नौ बजे के बाद रवि कुमार के पार्थिव शरीर को भोला सिंह की मिलक स्थित उसके घर पर ले जाया गया। पूरा गांव रवि की देह पर फूल बरसाने और साहस की मिसाल जांबाज को अपना शीश नवाने के लिए उमड़ पड़ा। यहां से रवि कुमार की अंतिम यात्रा रामगंगा विहार में सीएल गुप्ता आई इंस्टीट्यूट के पास स्थित मोक्षधाम के लिए आरंभ हुई। अंतिम यात्रा में लोगों की भीड़ थी तो रास्ते में कारवां बढ़ता ही चला गया। जहां जहां से अंतिम यात्रा गुजरी वहां छतों से लोगों ने रवि पर फूल बरसाए और अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। जिस गाड़ी में रवि का पार्थिव शरीर रखा था उसमें परिवार के सदस्यों के साथ ही गुरविंदर सिंह व अन्य संबंधी मौजूद थे। रवि के पिता हरकेश सिंह कृतज्ञता के भाव के साथ बेटे की अंतिम यात्रा में भागीदार बने लोगों का अभिवादन कर रहे थे। अंतिम यात्रा के मोक्षधाम पर पहुंचते ही रवि कुमार अमर रहे...की वाणी गूंज उठी। उसके पार्थिव शरीर पर पुष्प वर्षा की गई। रवि की चिता को मुखाग्नि पिता हरकेश सिंह ने दी। इस दौरान हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे।

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  • Web Title:tears of sarcasm in Ravi's funeral