कलियुग में हरिनाम संकीर्तन ही मुक्ति का द्वार

Newswrap हिन्दुस्तान, मुरादाबाद
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Moradabad News - मुरादाबाद के द्वारिकाधीश मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथा व्यास धीर शांत दास ने कहा कि कलियुग में हरिनाम संकीर्तन मुक्ति का आधार है। उन्होंने कहा कि यदि हम निस्वार्थ भाव से भगवान को पाने का लक्ष्य रखते हैं, तो सफलता लगभग सुनिश्चित है।

कलियुग में हरिनाम संकीर्तन ही मुक्ति का द्वार

मुरादाबाद। द्वारिकाधीश मंदिर कांशीराम नगर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास धीर शांत दास ने कहा कलियुग में हरिनाम संकीर्तन ही मुक्ति का आधार है। यदि हम अपना लक्ष्य भगवान को पाना रखते हुए निस्वार्थ भाव से आगे बढ़ें तो लक्ष्य मिलना लगभग तय है। उन्होंने कहा भगवान सदैव न्याय कारी हैं। मगर साधक को समझना चाहिए कि भगवान हमेशा दया करने वाले हैं। व्यवस्था में सारिका अग्रवाल, सोनाली सरोज, निर्देश पाल, प्रेमा पांडे, उमा यादव, डा. संजीव लाल, ममता चौधरी, हेमा जोशी,नेहा, सुधा शर्मा, दीपशिखा, सौरभ अग्रवाल आदि शामिल रहे।

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