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ढांग में दबने से चार मौतों के तीसरे दिन भी हाजीपुर गांव में पसरा सन्नाटा

हाजीपुर में मिट्टी की ढांग गिरने के तीसरे दिन गांव में सन्नाटा पसरा रहा। गांव के तालाब पर कोई भी मिट्टी खोदने के लिए नहीं गया। गांव की गलियों से रह-रहकर चीखें गूंजती रहीं। बुधवार सुबह क्षेत्र के हाजीपुर गांव के बाहर पीला तालाब से सोमपाल की 16 वर्षीय बेटी पिंकी, किशनपाल की 16 वर्षीय बेटी स्वाति, स्वराज की 15 वर्षीय बेटी ममता,खानपुर गांव के महावीर की पत्नी कलावती के अलावा हाजीपुर गांव में नरौदा से अपनी बुआ पूनम के घर रिश्तेदारी में आई हरपाल की 15 वर्षीय बेटी किरन घर की लिपाई के लिए मिट्टी खोदने गई थी। मिट्टी खोदते वक्त सभी गहरी ढांग के नीचे चली गईं। एकाएक सभी युवतियों व महिलाओं पर ढांग भरभराकर गिर गई। जबकि कलावती थोड़ी बाहर थी। उसके चीखने पर खेत पर जा रहे ब्रजनंदन ने देखा तो गांव में शोर मचाया। इस पर सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। बचाव कार्य शुरू किया। इसलिए उन्हें निकालने में एक से डेढ़ घंटे का वक्त लग गया। एक-एक कर पिंकी, किरन, स्वाति को बाहर निकाला गया। कोतवाली पुलिस भी सभी शवों के बाहर निकलने के बाद मौके पर पहुंची। बाद में और शव दबे होने की आशंका में जेसीबी से खुदाई कराई गई, मगर कोई भी शव बरामद नहीं हुआ। चार मौतों से गांव में कोहराम सा मच गया। घरों में चूल्हे तक नहीं जले। वहीं एसडीएम ने पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर डीएम के जरिए सीएम तक भेजी है।

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  • Web Title:Silence in village third days after four deaths