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रसूले करीम की जिंदगी हमारे लिए नमून-ए-अमल

कुंदरकी। शिया धर्म गुरु मौलाना कल्बे जव्वाद नकवी ने कहा कि रसूल-ए-करीम और अहलेबैत की जिंदगी हमारे लिए नमन-ए-अमल है। हमें उनके बताए रास्ते पर चलकर...

रसूले करीम की जिंदगी हमारे लिए नमून-ए-अमल
हिन्दुस्तान टीम,मुरादाबादFri, 01 Mar 2024 01:00 AM
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कुंदरकी। शिया धर्म गुरु मौलाना कल्बे जव्वाद नकवी ने कहा कि रसूल-ए-करीम और अहलेबैत की जिंदगी हमारे लिए नमन-ए-अमल है। हमें उनके बताए रास्ते पर चलकर जिंदगी गुजारनी चाहिए।
नगर के मोहल्ला सादात स्थित इमामबाड़ा हजरत अबुतालिब अले. में परचम अब्बास रिजवी की नानी के चालीसवें के सिलसिले में मजलिस हुई, जिसमें मुजफ्फरनगर से आए अली शाह जैदी ने सोजख्वानी की तथा हबीबुल हसनैन रिजवी, अजहर अब्बास नकवी, मौलाना अफाक आलम जैदी ने कलाम पेश किए तथा मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना कल्बे जव्वाद नकवी ने कहा कि इस्लाम अमन शांति और भाईचारे का पैगाम देता है। रसूले करीम और अहलेबैत की जिंदगी हमारे लिए नमूने ए अमल है।

उन्होंने कहा कि इस्लाम इल्म हासिल करने और तरक्की करने को पसंद करता है इसी लिए इस्लाम ने जकात देने का हुक्म दिया है। मौलाना ने रसूले करीम की बेटी जनाबे फातेमा जहरा और हजरत इमाम हुसैन की शहादत को ब्यान किया तो अजादारों की आंखें नम हो गईं। इस मौके पर मौलाना नय्यर रज़ा नकवी, मौलाना मुहम्मद नकी, नजर हुसैन रिजवी, एजाज हाशिम, काशिफ काजमी के अलावा बड़ी सख्या में शिया समुदाय मौजूद रहे।

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