रमजान : कुरान मुकम्मल पर मुल्क में अमन-चेन की दुआ
Moradabad News - मुरादाबाद में रमजान के महीने में नमाज-ए-तरावीह के दौरान कुरान मुकम्मल होने का सिलसिला शुरू हो गया है। रोजेदारों ने इबादत की और अल्लाह से माफी मांगी। जिगर कालोनी में हाफिज अब्दुल बासित ने कुरान की चार पारे सुनाई। इस अवसर पर नातिया महफिल भी सजाई गई।

मुरादाबाद। मुकद्दस रमजान के महीने में नमाज-ए-तरावीह के दौरान कुरान मुकम्मल का सिलसिल शुरू हो गया है। बुधवार को सातवें रोजे व आठवीं तरावीह में शहर में कई स्थानों पर कुरान मुकम्मल हुआ। बुधवार को रोजेदारों ने इबादत कर अल्लाह से अपने गुनाहों की तौबा की। रमजान के महीने में रोजा के साथ-साथ नमाज-ए-तरावीह भी अदा की जाती है। जिसमें हाफिज रोजाना कुरान के पारे सुनाते हैं। वैसे तो तरावीह की नमाज रमाजान के पूरे महीने पढ़ी जाती है, लेकिन जो लोग काम के सिलसिल में शहर से बाहर जाते और नौकरी पेशा लोगों के लिए पांच से दस दिन तक की तरावीह भी पढ़ाई जाती है।
इसी क्रम में शहर की जिगर कालोनी स्थित फिरासत खान के आवास पर नमाज-ए-तरावीह में कुरान मुकम्मल हो गया। यहां हाफिज अब्दुल बासित रोजाना चार पारे सुना रहे थे। जबकि हाफिज बरकतुल्लाह खान सामा रहे। इस दौरान रोजेदारों ने मुल्क में अमन-चेन की दुआ की। इस मौके पर नातिया महफिल सजाई गई। जिसमें सैय्यद मोहम्मद हाशिम, गाज़ी सैफी, सुहेल खान ने नातिया कलाम पेश किए। इस मौके पर फिरासत खान, फराज़ खान, जहीर आलम, फरमान अली एडवोकेट, खुसरो सरवर उर्फ बबली एडवोकेट, काशिफ खान, राशिद खान, फहीम खान, कमर अली खान, इमरान खान, शारिक सिद्दीकी अब्दुल वाजिद, रिजवान सैफी समेत अन्य लोग शामिल रहे। कुरान मुकम्मल से पहले हुआ रोज़ा इफ्तार मुरादाबाद। शहर के मोहल्ला बारादरी स्थित हाजी अनवार के मकान पर मंगलवार की रात नमाज़-ए-तरावीह के दौरान कुरान मुकम्मल हुआ। यहां हाफिज नूर सहन रोजाना पांच पारे सुना रहे थे, जबकि हाफिज़ शारिक हुसैन सामा रहे। इस दौरान शाम को इफ्तार पार्टी का भी आयोजन किया गया। इस मौके पर शहजाद आलम, नौशाद अंसारी, आरिफ मलिक समेत अन्य रोज़ेदार शामिल रहे।
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