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देश के सम्मान की खातिर शहीद हुआ मेरा बेटा

देश के सम्मान की खातिर शहीद हुआ मेरा बेटा

मुरादाबाद। प्रमुख संवाददाता एवरेस्ट विजेता रवि कुमार की मौत पर भी हिमालय की तरह अटल बने पिता हरकेश कुमार ने कहा कि हमारा रवि शेर है और उसने अपनी जान देश की शान की खातिर दी है। उसे शहीद सैनिक की तरह ही अंतिम विदा दें। सभी लोगों से आग्रह है कि वे व्यथित न हों और धैर्य बनाए रखें। अंबेडकर पार्क में पर्वतारोही रवि कुमार की श्रद्धांजलि सभा में चेहरे में बेटे की उपलब्धि पर गर्व से तने माथे के साथ पहुंचे हरकेश कुमार ने कहा कि मेरा बेटा हमेशा कहता था कि वह देश के नाम की खातिर दुनिया की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट पर भारतीय तिरंगा फहराना चाहता है। हमने हमेशा उसकी इच्छा का सम्मान किया। दुनिया के हर कोने की सबसे ऊंची चोटियों पर रवि ने भारतीय पताका फहराकर देश का नाम रोशन किया। वह भी एक मायने में देश का सैनिक था। हमारे सैनिक देश की रक्षा के लिए महीनों बर्फ में पड़े रहते हैं। वह देश का नाम रोशन करने के लिए बर्फ से भरी चोटियों पर चढ़ता रहता है। रवि की मौत हो गई है, लेकिन हमें सैनिकों की शहादत को याद रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस तरह से शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए पूरा क्षेत्र उमड़ता है उसी तरह हमारे शेर के सम्मान में पूरा मुरादाबाद मौजूद है। हम सभी से आग्रह करेंगे कि वह सैनिकों की तरह से ही रवि को सम्मान दें। उसकी मौत पर आंसू न बहाएं और न ही धैर्य खोएं। अंतिम यात्रा में भी अपना धैर्य बनाकर ही चलें। किसी को परेशानी न होने दें, रवि सबका लाडला था और सभी उससे एक जैसी मोहब्बत करते हैं। हमें उसके मिलनसार होने की परंपरा को बनाए रखना है।

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  • Web Title:My son was martyred for the honour of the country