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75 फीसद से ज्यादा छात्राएं लेती हैं एमएच कॉलेज में दाखिला

लाजपत नगर स्थित महाराजा हरिशचंद्र पीजी कॉलेज की अपनी एक अलग ही पहचान है। सिर्फ दिखने में छोटे इस कॉलेज की उपलब्धियां बहुत ही बड़ीह हैं। शहर के...

75 फीसद से ज्यादा छात्राएं लेती हैं एमएच कॉलेज में दाखिला
हिन्दुस्तान टीम,मुरादाबादTue, 14 May 2024 10:00 PM
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लाजपत नगर स्थित महाराजा हरिशचंद्र पीजी कॉलेज की अपनी एक अलग ही पहचान है। सिर्फ दिखने में छोटे इस कॉलेज की उपलब्धियां बहुत ही बड़ीह हैं। शहर के बीचोबीच स्थित यह स्कूल छात्राओं की पसंद है। यही कारण है कि आज भी इस महाविद्यालय में 75 प्रतिशत छात्राएं ही हैं।
प्रधानाचार्य प्रो. नरेंद्र सिंह ने बताया कि कॉलेज में स्नातक में चार सौ सीटें हैं। परास्नातक में अंग्रेजी में 80, उर्दू में 80, हिंदी में 60, चित्रकला में 35 सीट हैं। एमए उर्दू और एमए चित्रकला में दाखिले के लिए विद्यार्थियों में सबसे अधिक रुझान रहता है। उन्होंने बताया कि बेहतर पुस्तकालय व वाईफाई की सुविधा के अलावा खेल इस कॉलेज की मूल पहचान है। यहां लंबे समय से बच्चे खेलकूद में अपना नाम रोशन करते आ रहे हैं। इसके अलावा कॉलेज के अंग्रेजी विभाग में डॉ. विश्व अवतार जैमिनी शोध पीठ की स्थापना की गई है।

इन शिक्षकों ने बढ़ाया मान

उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग, प्रयागराज के सदस्य डॉ. हरबंश दीक्षित, पूर्व अध्यक्ष बाल अधिकार संरक्षण आयोग व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री डॉ. विशेष गुप्ता इस कॉलेज के प्राचार्य रहे हैं। शिक्षक विधायक रहे डॉ. ब्रजपाल शरण रस्तोगी भी इस महाविद्यालय में अपनी लंबे समय तक सेवाएं दे चुके हैं।

पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर प्रवेश

प्रो. नरेंद्र ने बताया कि एमएच कॉलेज में पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर प्रवेश दिया जाता है। कॉलेज में 75 फीसदी छात्राएं हैं। कॉलेज में बच्चों को किसी तरह की दिक्कत न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाता है। साथ ही सभी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ मिले, इसके लिए एकल खिड़की की व्यवस्था भी की गई है।

कॉलेज का इतिहास

3 अगस्त, 1973 को 150 छात्रों से शुरू इस महाविद्यालय का उद्घाटन तत्कालीनन राज्यपाल एम. चेन्ना रेड्डी ने किया था। इस कॉलेज में स्नातक स्तर पर हिंदी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, उर्दू, शारीरिक शिक्षा, पर्यावरण व चित्रकला को मान्यता मिली हुई है। 1987 में उर्दू एवं हिंदी में एमए की मान्यता मिलने पर महाविद्यालय को स्नातकोत्तर का दर्जा मिल गया। महाविद्यालय में प्रदूषण मापने का एक यंत्र भी स्थापित है।

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एमएच कॉलेज का माहौल व शैक्षिक वातावरण काफी बेहतर है। यहां की पढ़ाई को देखते हुए बच्चों का रुझान दाखिले के लिए रहता है। काफी बड़ी संख्या में बेटियां यहां शिक्षा ले रही हैं। पढ़ाई पर काफी फोकस किया जा रहा है। शिक्षक पूरा प्रयास करते हैं कि बच्चों को बेहतर शिक्षा दी जाए। लाइब्रेरी के साथ ही वाई-फाई की सुविधा कॉलेज में है। यहां आने वाले छात्रों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी।

-डॉ. नरेंद्र सिंह, प्राचार्य, एमएच कॉलेज।

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