More and more cases should be settled in Lok Adalat Justice Pritinkar - लोक अदालत में ज्यादा से ज्यादा मुकदमों का हो निपटारा: जस्टिस प्रीतिंकर DA Image
9 दिसंबर, 2019|9:23|IST

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लोक अदालत में ज्यादा से ज्यादा मुकदमों का हो निपटारा: जस्टिस प्रीतिंकर

लोक अदालत में ज्यादा से ज्यादा मुकदमों का हो निपटारा: जस्टिस प्रीतिंकर

1 / 3इलाहाबाद हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर ने कहा कि आज न्यायालयों में मुकदमों के लिए जगह नहीं है। इसीलिए जरूरी है कि लोक अदालत के जरिए ज्यादा से ज्यादा वादों का निपटारा...

लोक अदालत में ज्यादा से ज्यादा मुकदमों का हो निपटारा: जस्टिस प्रीतिंकर

2 / 3इलाहाबाद हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर ने कहा कि आज न्यायालयों में मुकदमों के लिए जगह नहीं है। इसीलिए जरूरी है कि लोक अदालत के जरिए ज्यादा से ज्यादा वादों का निपटारा...

लोक अदालत में ज्यादा से ज्यादा मुकदमों का हो निपटारा: जस्टिस प्रीतिंकर

3 / 3इलाहाबाद हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर ने कहा कि आज न्यायालयों में मुकदमों के लिए जगह नहीं है। इसीलिए जरूरी है कि लोक अदालत के जरिए ज्यादा से ज्यादा वादों का निपटारा...

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इलाहाबाद हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर ने कहा कि आज न्यायालयों में मुकदमों के लिए जगह नहीं है। इसीलिए जरूरी है कि लोक अदालत के जरिए ज्यादा से ज्यादा वादों का निपटारा हो।

शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत के उद्घाटन के बाद कार्यक्रम में बोलते प्रशासनिक जज ने कहा कि पक्षकारों में आपसी सहमति कराकर न्याय दिलाएं। आज न्यायालयों में मुकदमों की संख्या ज्यादा होने से प्रक्रिया लंबी हो रही है। ऐसे में जरूरी है कि पक्षकारों को बिना लड़ाई के लिए न्याय मिले। लोक अदालत का यही मकसद है।मुरादाबाद में एक लाख मुकदमे विचाराधीन है। अधिवक्ताओं से कहा कि वे भी निस्तारण के बारे में सोचें। यदि पुराने मुकदमें निस्तारित नहीं होंगे तो ने मुकदमे कैसे जुड़ेंगे। उन्होंने वरिष्ठ जजों से कहा कि वे अन्य न्यायालयों में जाकर मार्गदर्शन करें। कार्यक्रम में विवाद के बाद समझौते के लिए तैयार हुए तीन जोड़े परिवार का स्वागत भी किया गया। इस दौरान जिला जज, डीएम, एसएसपी के अलावा तमाम न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।

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