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एमडीए ने अटकाई तमाम फ्लैटों की रजिस्ट्री

प्राइवेट बिल्डरों के प्रोजेक्ट में फ्लैट खरीदने वाले तमाम लोग अपने फ्लैट की रजिस्ट्री कराने से अटक गए हैं। प्रोजेक्ट को पूर्णता प्रमाणपत्र नहीं मिलना इसकी वजह है। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की तरफ से कई बिल्डरों को उनके प्रोजेक्ट का पूर्णता प्रमाणपत्र नहीं दिया गया है। इसके पीछे प्रोजेक्ट में कमियां रह जाने का हवाला दिया गया है।

रियल एस्टेट रेगुलाइजेशन एक्ट (रेरा) लागू होने के बाद शहर में निजी बिल्डरों ने अपने आवासीय प्रोजेक्ट को पूरा करने की तेजी दिखाई। पिछले छह महीने के अंदर इसका काफी असर भी दिखाई दिया। जो प्रोजेक्ट 60 से 80 फीसदी की पूर्णता तक ही अटके पड़े थे उन्हें सौ फीसदी पूरे हो जाने का दावा कई बिल्डरों ने किया है। ऐसे प्रोजेक्ट में, बिल्डरों ने ग्राहकों को उनके फ्लैट पर पजेशन भी दे दिया है, लेकिन ज्यादातर प्रोजेक्ट में फ्लैट खरीदने वाले ग्राहक उसकी रजिस्ट्री करा पाने की स्थिति में नहीं है। क्योंकि, मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने प्रोजेक्ट को पूर्णता प्रमाणपत्र जारी नहीं किया है। बिल्डरों ने प्राधिकरण की तरफ से लेटलतीफी होने का आरोप लगाया है। हालांकि, अधिकारी इसके लिए प्रोजेक्ट में कमियों को जिम्मेदार बता रहे हैं।

कमी पूरी होते ही मिलेगा प्रमाणपत्र

प्राधिकरण की तरफ से किसी प्राइवेट बिल्डर को पूर्णता प्रमाणपत्र देने में कोई दिक्कत का सवाल ही नहीं है। निर्धारित शर्तें पूरी होने पर ही प्रमाणपत्र मिलता है। बाउंड्रीवॉल, पार्किंग आदि कमियां दूर होते ही प्रमाणपत्र मिलेगा।

सीपी त्रिपाठी, सचिव, मुरादाबाद विकास प्राधिकरण

बस नहीं पा रहे गरीबों के घर

मुरादाबाद आर्किटेक्ट एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष मयूर गुप्ता का कहना है कि एक रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट को एमडीए की तरफ से पूर्णता प्रमाणपत्र मिलने में देरी हो रही है। संभवतया इसी के चलते हरथला रेलवे स्टेशन के पास निजी बिल्डर द्वारा गरीबों के लिए निर्मित फ्लैटों में लाभार्थियों को आवंटन नहीं मिल पा रहा है। ये फ्लैट दो साल से बनकर तैयार हैं और इस्तेमाल नहीं होने के चलते बिल्डर को मेंटिनेंस पर अलग से खर्चा करना पड़ रहा है।

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  • Web Title: MDA stays many registry of all flats