मनरेगा की री-सोशल ऑडिट को उतरेंगे वीडीओ
Moradabad News - मनरेगा की सोशल ऑडिट के खिलाफ ग्राम पंचायत विकास अधिकारी चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर रहे हैं। भ्रष्टाचार के आरोप में जेल भेजे गए अधिकारी अजय कुमार संगठन की रणनीति बना रहे हैं। ऑडिटर को रिश्वत देकर पकड़ा गया था। सचिवों पर लाखों रुपये की रिकवरी की गई है, जिससे अधिकारियों में आक्रोश है।

मनरेगा की सोशल ऑडिट के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन छेड़ने वाले ग्राम पंचायत विकास अधिकारी री-ऑडिट को लेकर अफसरों की मनुहार करेंगे। उधर, ऑडिटर संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिरुद्ध द्विवेदी को भ्रष्टाचार के आरोप में विजिलेंस कार्रवाई में जेल भेजवाने वाले ग्राम पंचायत अधिकारी अजय कुमार को साथ लेकर संगठन के लड़ाई की रणनीति बनानी शुरू कर दी है। 50 हजार रुपये की रिश्वत देकर ऑडिटर को पकड़वाने वाले सचिव ने किसी को कानों-कान भनक तक नहीं लगने दी। मूढापांडे क्षेत्र के ग्राम पंचायत विकास अधिकारी अजय कुमार की सूचना पर भ्रष्टाचार निरोधक अधिष्ठान बरेली की टीम ने बुधवार को ऑडिटर को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।
दरअसल ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों ने मनरेगा के सोशल ऑडिट के खिलाफ तीन महीना पहले उच्च अधिकारियों का दरवाजा खटखटाया था। तर्क दिया कि साल 2023 तक ऑडिट सेल को मनरेगा की ऑडिट का अधिकार भी नहीं था, लेकिन 2020 से सचिवों पर रिकवरी निर्धारित कर दी गई है। कई सचिवों पर 30-30 लाख रुपये की रिकवरी बनाई गई है। जनपद की 500 ग्राम सभाओं के सचिव ऑडिट की कार्रवाई में फंसे हैं। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार सागर कहते हैं कि अजय कुमार ने बहुत गोपनीय तरीके से कारवाई कराई है। संगठन में भी किसी को भनक नहीं लगने दी और आडिट के नाम पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले ऑडिटर को रंगे हाथ पकड़ लिया गया। री-ऑडिट को लेकर अफसरों की मनुहार की जा रही है। बेवजह और निराधार सचिवों पर यह रिकवरी दिखाई गई है।
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