Makar Sankranti celebrated in many places on Tuesday - कुछ ने मंलगवार को ही मनाई मकर संक्रांति DA Image
19 फरवरी, 2020|12:58|IST

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कुछ ने मंलगवार को ही मनाई मकर संक्रांति

कुछ ने मंलगवार को ही मनाई मकर संक्रांति

1 / 2इस बार मकर संक्रांति 15 जनवरी को है, पर कुछ लोगों ने पूर्व तरह 14 जनवरी को ही मनाई। इस मौके पर लोगों ने हवन-पूजन के साथ स्टॉल लगाकर खिचड़ी का वितरण किया। इसके अलावा कई स्थानों पर भी आयोजन किया...

कुछ ने मंलगवार को ही मनाई मकर संक्रांति

2 / 2इस बार मकर संक्रांति 15 जनवरी को है, पर कुछ लोगों ने पूर्व तरह 14 जनवरी को ही मनाई। इस मौके पर लोगों ने हवन-पूजन के साथ स्टॉल लगाकर खिचड़ी का वितरण किया। इसके अलावा कई स्थानों पर भी आयोजन किया...

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इस बार मकर संक्रांति 15 जनवरी को है, पर कुछ लोगों ने पूर्व तरह 14 जनवरी को ही मनाई। इस मौके पर लोगों ने हवन-पूजन के साथ स्टॉल लगाकर खिचड़ी का वितरण किया। इसके अलावा कई स्थानों पर भी आयोजन किया गया।

ज्योतिषों के अनुसार सूर्य रात दो बजकर सात मिनट पर उत्तरायण हुआ। इसीलिए मकर संक्रांति आज बुधवार को मनाई जा रही है। अक्सर मकर संक्राति चौदह जनवरी को ही पड़ती है। इसीलिए कुछ लोगों ने तारीख चौदह जनवरी मानकर मंगलवार को आयोजन किये। श्री भद्र बालाजी सेवा मंडल ने रेलवे कालोनी स्थित मनोकामना श्री हनुमान मंदिर में मकर संक्रांति मनाई। श्री बालाजी महाराज का महायज्ञ किया गया। 51 हजार आहुतियां देकर विश्व कल्याण और सुख समृद्धि की कामना की गई। यज्ञ पंडित सतीश शर्मा एवं हरिदत्त शास्त्री ने कराया। इस दौरान बालाजी के जयकारें गूंजते रहे। अंत में भंडारा आरंभ किया गया। शाम तक श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। सानिध्य गुरू संजय शर्मा गुजराती का रहा। विजय गुप्ता, सतीश चौधरी,विवेक गुप्ता, अखिलेश सिंह, मनीष शर्मा, आशपाल सिंह, प्राज्ज्वल वर्मा, सौरभ अग्रवाल,जोधा सिंह, अरविंद शर्मा, संजीव आहूजा का सहयोग रहा।

आर्य स्त्री समाज ने किया यज्ञ और प्रवचन

आर्य स्त्री समाज मंडी बांस में मकर संक्रांति पर्व का आरंभ पंडित ऋषिपाल शास्त्री ने यज्ञ से कराया। वैदिक विद्वान आचार्य सुलभा शास्त्री ने मकर संक्रांति पर्व का महत्व बताया। उन्होंने बताया यह पर्व तमिलनाडू में पोगंल और आसाम में माद्य-बिछु के नाम से मनाया जाता है। उन्होंने भजनों की प्रस्तुति माहौल भक्तिमय बना दिया। प्रधाना चंद्र किरण आर्य एवं मंत्री प्रीता आर्य ने आभार व्यक्त किया। कल्पना आर्य, सुधा आर्य, निर्मल आर्य, मनोज रस्तोगी, संतोष आर्य, नवनीत रस्तोगी, मीना आर्य, चित्रा आर्य, दीपक गुप्ता आदि का सहयोग रहा।

गजक आदि खरीदने को बाजार में उमड़ी रही भीड़

मकर संक्रांति पर तिल से बने सामान का दान करने और सूर्यदेव की पूजा करने का चलन है। मान्यता है कि सूर्य के उत्तरायण में आने से उसके तेज में वृद्धि होती है। सूर्य की इसी गर्मी से तिल चटकते हैं। इससे वसंती मौसम का आगाज हो जाता है। इसीलिए लोग तिल के सामान को खरीदने के लिए बाजार पहुंचे। दुकानदारों ने भी ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए दुकानों को मनोहारी ढंग से सजाया। दुकानें भी सुबह से ही सज गईं। दिनभर धूप रही। इसलिए ग्राहकों को पहुंचने में भी परेशानी नहीं हुई। यही बजह रही कि अमरोहा गेट, कपूर कंपनी, लाइन पार, ताड़ीखाना, मंडी चौक, लाल बाग, खुशहालपुर रोड आदि क्षेत्रों में गजक आदि के बाजारों में खूब भीड़ रही। दुकानें देर रात तक खुली रहीं।

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