Moradabad News: छजलैट क्षेत्र में गोवंश में लंपी बीमारी का प्रकोप, किसानों में भय का माहौल

हिन्दुस्तान, मुरादाबाद
Follow us on Google News
share

Moradabad News: छजलैट थाना क्षेत्र में गोवंशीय पशुओं में लंपी बीमारी का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे किसानों में भय का माहौल है। सरकारी डॉक्टरों की अनदेखी के कारण किसान निजी डॉक्टरों से इलाज कराने को मजबूर हैं। महंगी दवाइयाँ भी राहत नहीं दे रही हैं। किसानों का कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो वे गोवंशीय पशुओं को पालना भी बंद कर देंगे।

Moradabad News: छजलैट क्षेत्र में गोवंश में लंपी बीमारी का प्रकोप, किसानों में भय का माहौल

Moradabad News: छजलैट। थाना क्षेत्र में गोवंशीय पशुओं में लंपी बीमारी ने गंभीर रूप ले लिया है। बीमारी के बढ़ते प्रकोप को लेकर क्षेत्र के किसानों में भय का माहौल है। किसानों का कहना है कि पशुओं के बीमार होने से वे परेशान हैं, लेकिन सरकारी डॉक्टरों की ओर से बीमारी की रोकथाम के लिए पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में किसान निजी डॉक्टरों से पशुओं का इलाज कराने को मजबूर हैं। किसानों के मुताबिक, बीमारी की रोकथाम के लिए महंगी दवाइयां कराने के बावजूद पशुओं को पर्याप्त राहत नहीं मिल रही है। किसानों का कहना है कि पिछले तीन वर्षों से क्षेत्र में लगातार लंपी बीमारी का प्रकोप सामने आ रहा है, इसके बावजूद सरकार की ओर से इस पर ध्यान नहीं दिया गया।

किसानों की समस्या

किसान सतबीर सिंह, मनोज कुमार, अनिल कुमार, रमन कुमार आदि ने बताया कि लंपी बीमारी से बचाव के लिए गांव-गांव में ड्रॉप लगाए गए थे, लेकिन ये कारगर साबित नहीं हुए। इसके चलते पशुओं में बार-बार बीमारी फैल रही है। क्षेत्र में खुलेआम घूम रहे गोवंशीय पशु भी बीमारी की चपेट में आ गए हैं।

प्रशासन की अनदेखी

किसानों का आरोप है कि बीमारी के बढ़ते प्रकोप के बावजूद प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। पूरे क्षेत्र में पशुओं में फैली बीमारी को लेकर किसानों में चिंता बनी हुई है। किसानों ने कहा कि यदि यही स्थिति रही तो वे गोवंशीय पशुओं को पालना भी बंद कर देंगे।

सामान्य प्रश्न

✦लंबी बीमारी क्या है?−
लंबी बीमारी गोवंशीय पशुओं में फैलने वाली एक गंभीर बीमारी है।
Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

Hindi NewsUP NewsमुरादाबादMoradabad News: छजलैट क्षेत्र में गोवंश में लंपी बीमारी का प्रकोप, किसानों में भय का माहौल