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पांच एकड़ में 108 फिट ऊंचा बनेगा कल्कि धाम मंदिर

गजेंद्र यादव संभल। कल्कि मंदिर निर्माण में आठ साल के संघर्ष ने अट्ठारह साल के संकल्प को पूरा कर दिया। इससे कल्कि भक्तों में खुशी की लहर है।...

पांच एकड़ में 108 फिट ऊंचा बनेगा कल्कि धाम मंदिर
हिन्दुस्तान टीम,मुरादाबादTue, 20 Feb 2024 01:16 AM
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कल्कि मंदिर निर्माण में आठ साल के संघर्ष ने अट्ठारह साल के संकल्प को पूरा कर दिया। इससे कल्कि भक्तों में खुशी की लहर है। ऐचोड़ा कंबोह में बनने वाला मंदिर काफी भव्य होगा। पांच एकड़ क्षेत्रफल में बनने वाले कल्कि मंदिर का शिखर 108 फीट ऊंचा रहेगा। इसकी चौकी 11 फीट पर बनी होगी। सोमनाथ और अयोध्या के मंदिरों जैसा गुलाबी पत्थर कल्कि मंदिर में लगाया जाएगा।
ऐचोड़ा कंबोह में कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम अपनी निजी भूमि पर कल्किधाम की स्थापना करा रहे हैं। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल्किधाम का शिलान्यास किया। कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने वर्ष 2016 में कल्किधाम का निर्माण शुरू कराया था। कल्कि महोत्सव के दौरान मंदिर निर्माण शुरू होना था। गर्भगृह की खुदाई कर दी थी और पूजन होना था, लेकिन सपा के सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क समेत कुछ अन्य मुस्लिमों ने आपत्ति जताई थी। तमाम उलेमाओं ने भी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर कल्किधाम निर्माण का विरोध किया था। इस पर माहौल बिगड़ने का हवाला देते हुए तत्कालीन जिलाधिकारी ने मंदिर निर्माण पर रोक लगा दी थी। गर्भगृह के चारों तरफ पुलिस फोर्स तैनात कर दिया था। सपा नेता शिवपाल यादव, दिग्विजय सिंह समेत तमाम नेताओं ने बैठक कर मंदिर निर्माण पर लगी रोक हटाने के लिए प्रयास किए पर हल नहीं निकल सका। अब यह सपना साकार होने जा रहा है।

आठ वर्ष बाद हटी मंदिर निर्माण पर लगी रोक हटी

संभल। कल्कि धाम के मंदिर निर्माण पर रोक लगाए जाने के फैसले के खिलाफ आचार्य प्रमोद कृष्‍णम ने 30 अक्‍टूबर 2017 में याचिका लगाई थी। न्‍यायमूर्ति सलिल कुमार राय और न्यायमूर्ति सुरेंद्र सिंह प्रथम की खंडपीठ ने डीएम के आदेश को अंसैवाधानिक बताया। कोर्ट ने कहा कि निजी जमीन पर अगर कोई धार्मिक निर्माण करना चाहता है तो कर सकता है क्योंकि उसे संविधान में यह अधिकार मिला हुआ है। प्रमोद कृष्‍णम की याचिका के अनुसार, डीएम ने मंदिर बनाने की अनुमति यह कहकर नहीं दी कि यह इलाका अल्‍पसंख्‍यक बाहुल्य है। यहां के मुस्लिम मंदिर निर्माण का विरोध कर रहे थे। अगर मंदिर बना, तो कानून व्‍यवस्‍था को लेकर दिक्‍कतें खड़ी हो जाएंगी। मंदिर के पास ही सरकारी जमीन है जिस पर याची की तरफ से अतिक्रमण किया जा सकता है। 2016 में मंदिर निर्माण पर लगी रोक को सितंबर 2023 में हटा दिया गया।

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