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नदियों का जलस्तर बढ़ा, कई गांवों में बाढ़ का खतरा

पहाड़ी क्षेत्र में लगातार हो रही भारी वर्षा से रामगंगा नदी का जलस्तर बहुत तेजी से बढ़ रहा है। कई गांव बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं। जिससे गांव में घुसने के रास्तों पर तेज गति से पानी बहने से दहशत की स्थिति बन गई है।किसी भी क्षण गांवों में पानी घुसने की आशंका को लेकर बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है। पिछले कई दिन से क्षेत्र के साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों में भी भारी वर्षा हो रही है। जिससे नदियों को जलस्तर बहुत तेजी से बढ़ रहा है। फीका और रामगंगा में बाढ़ आयी हुई है और पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। जबकि ढेला नदी में अभी पानी खतरे के निशान से नीचे है। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी वर्षा हो रही है। पहाड़ी क्षेत्रों से आये पानी को कालागढ़ बैराज से नदियों में छोड़ दिया गया है। भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से रामगंगा और फीका नदी में बाढ़ आ गई है। मलकपुर सेमली के निकटवर्ती गांव रायभूड़ दरियापुर रफायतपुर और मुनीमपुर के चारो ओर बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। इन गांव के रास्तों से बहुत तेज गति से बाढ़ का पानी बह रहा है। जिससे बुरी तरह घबराये ग्रामीणों ने गांव से पलायन शुरू कर दिया है। प्रशासन में हड़कंप मच गया है। एसडीएम राम जी लाल ने लेखपालों, राजस्व निरीक्षकों आदि राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर पूछा कि बाढ़ चौकियां वास्तव में संचालित है या केवल हवा में हैं। उन्होंने रायभूड़ के लेखपाल शंकर सिंह से बाढ़ के पूरे हालात जानने के बाद मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल की और ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि वे बिल्कुल भी परेशान न हों। प्रशासन उनकी मदद के लिए तैयार है। उधर ग्रामीणों ने बताया कि काजूपुरा मूलावाहन सिहाली खददर, गक्खरपुर और मुस्तापुर के चारों ओर भी बाढ़ का पानी चढ़ आया है और किसी भी समय गांव में पानी घुस सकता है। एसडीएम ने रायभूड़ और दरियापुर रफायतपुर व मुनीपुर की बाढ़ चौकी करनपुर के साथ ही सभी नौ बाढ़ चैकियों को सर्तक कर दिया है। उन्होंने बताया कि फिलहाल गांव में पानी नहीं घुसा है, इसके बावजूद ग्रामीणों की सुरक्षा के प्रबंध किये जा रहे हैं।ग्रामीणों के लिए संजीवनी है गांव की नावफोटो 4 नाव से नदी के पार से आते ग्रामीणठाकुरद्वारा। रामगंगा नदी किनारे बसे लालापुर पीपलसाना सहित कई गांव में नाव हैं। नाव चलाने वाले ग्रामीण पूरे साल नदी के पार स्थित खेतों की ओर किसानो को ले जाते है और उन्हें चारा और अनाज सहित गांव में लाते हैं। इसके लिए उन्हें फसल आने पर गेहूं चावल आदि मिलता है। यही नाव बाढ़ के दौरान संजीवनी का काम करती है। कई बार लालापुर पीपलसाना में बाढ़ का पानी घुस आने पर इसी नाव के जरिये लोगों को सुरक्षित बचाया जा सका है। इस बार भी लालापुर पीपलसाना में रामगंगा नदी की बाढ़ का पानी घुसना शुरू हो गया है। ग्राम प्रधान मो. इरफान ने बताया है कि गांव में पचास मीटर तक रास्ते में पानी घुस आया है। लेकिन अभी हालात काबू में हैं।भारी वर्षा से गिरा मकान बाल बाल बचे लोगफोटो 5 वर्षा से गिरे मकान का मलवा देखते परिवार के लोगठाकुरद्वारा। लगातार हो रही भारी वर्षा से कोतवाली क्षेत्र के कस्वा शरीफनगर में ठाकुर अनिल कुमार पुत्र स्व मुन्ना सिंह का कच्चा मकान रात में भर भराकर गिर गया। जिससे घर में रखा घरेलू समान टीवी साइकिल बेड आदि टूट गए।

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  • Web Title:Increased water level of rivers, the risk of flooding in several villages