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1 जनवरी, 2021|12:57|IST

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नववर्ष में मुरादाबाद को एयरपोर्ट से उड़ान और यूनिवर्सिटी की मिल सकती है सौगात

नववर्ष में मुरादाबाद को एयरपोर्ट से उड़ान और यूनिवर्सिटी की मिल सकती है सौगात

मुरादाबाद। मुख्य संवाददाता

नव वर्ष 2021 का आगाज हो गया। कोविड के संक्रमणकाल से गुजर रहे इस वक्त से मुरादाबाद भी अछूता नहीं है। 2020 के कई जुदा जुदा अनुभवों के बीच अगले वर्ष की चुनौतियां भी सामने हैं। विकास के जिन प्रोजेक्ट से विकास को रफ्तार मिलने वाली है। शहर की सूरत बदलने वाली है उनका पूरा होना किसी चुनौती से कम नहीं है।

सबसे प्रमुख चुनौती जो सामने दिख रही है वह कोविड टीकाकरण की है। आम पब्लिक में टीकाकरण को सुचारु बनाना काफी दुरुह कार्य है। इसके अलावा पीतल नगरी की रौनक बढ़ने के साथ निर्माण के कुछ प्रोजेक्ट, शिक्षा के क्षेत्र में यूनिवर्सिटी, हवाई सेवा का शुरू होना, स्मार्ट सिटी में शहर को सीवर लाइन से जोड़ कर प्रदूषण मुक्त बनाना, स्पेशल इकनॉमी जोन को आबाद करना ऐसे कार्य हैं जिनसे यकीनन मुरादाबाद की तस्वीर बदल जाएगी।

कोविड टीकाकरण की चुनौती स्वीकार पूरा करेंगे काम

इस साल की सबसे प्रमुख चुनौती टीकाकरण ही है। कोविड टीकाकरण के लिए लगातार तैयारियां तो चल रही हैं पह यह इतना आसान नहीं होगा। पहले चरण में ही बीस हजार लोगों का टीकाकरण होगा। इसमें स्वास्थ्य महकमे का निजी और सरकारी स्टाफ शामिल है। सीएमओ डा. एमसी गर्ग भी मानते हैं कि पहले चरण में उतनी दुश्वरियां नहीं होंगी जितनी बाद में। फिर भी वह दावा करते हैं कि स्वास्थ्य विभाग की तैयारी पूरी है। स्टाफ का प्रशिक्षण। कोल्ड चेन को लगातार बनाने के इंतजाम मुकम्मल हो चुके हैं। स्थलों को चिन्हित किया गया है। इसके बाद भी लगातार इस कार्य को दक्षता के साथ करना किसी चुनौती से कम नहीं होगा पर हम लोग इसे बेहतर ढंग से पूरा करेंगे।

इस साल हर हाल में शुरू हो जाएगी हवाई अड्डे से उड़ान

भदासना स्थित हवाई अड्डे से उड़ान पिछले कई साल से सपना बनी हुई है। काम तकरीबन पूरा है फिर भी अभी तक फिनिशिंग टच नहीं मिल सका है। हवाई अड्डे से उड़ान की बाधा दूर नहीं हो सकी है। 21 करोड़ की लागत से बनने वाले हवाई अड्डे से उड़ान को लेकर जिला प्रशासन आश्वस्त है। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह का दावा है कि 2021 की पहली तिमाही में ही इसके शुभारंभ होने का अनुमान है। जो काम शेष है उस पर ज्यादा वक्त नहीं लगेगा। कोरोनाकाल में यह डिले हो गया पर अब ज्यादा काम नहीं है। जल्द ही इसको फिनिशिंग टच देकर उड़ान के लिए हवाई अड्डा तैयार हो जाएगा। यहां उड़ान से निर्यात पर भी असर पड़ेगा और पर्यटन के अवसर भी बढ़ेंगे। इससे शहर में बदलाव दिखाई देगा।

यूनिवर्सिटी को अमली जामा पहनाने में भी लगेगा वक्त

गुरजे 2020 में मुरादाबाद के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूनिवर्सिटी की सौगात दे दी। रास्ता तकरीबन साफ होने के बाद अभी विभागीय स्तर से प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। इस कार्य में कितना वक्त शुरुआत में लगेगा कहना मुश्किल है। नगर विधायक रितेश गुप्ता कहते हैं कि यूनिवर्सिटी में अब कोई बाधा नहीं रही। 2021 की यह उपलब्धि शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी। हम लोग लगातार इसके लिए प्रयास करते रहे और आगे भी मानीटरिंग करते रहेंगे जिससे इस यूनिवर्सिटी के निर्माण कार्य को जल्द शुरू करवाया जा सके। शासन स्तर पर विभागीय अफसरों से संपर्क कर इसे शुरू करवाएंगे। इसमें सुस्ती नहीं होने देंगे। शासन स्तर से स्थानीय अफसरों से समन्वय स्थापित करेंगे।

स्पेशल इकनॉमी जोन का स्वरूप बदलने की तैयारी

स्पेशल इकनॉमी जोन (सेज) को आबाद करना किसी चुनौती से कम नहीं है। इस कार्य में लगातार कई बरसों से उद्यमियों को निराशा ही हो रही है। सेज में लगाई जाने वाली इकाइयों में कच्चा मॉल मंगवाने और वहीं माल तैयार करवाने की शर्त है। सेज का स्वरूप बदलने की तैयारी है। विभागीय मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने पिछले दिनों वादा किया था पुराना नोटिफिकेशन को रद्द कर नया नोटीफिकेशन जारी करवाएंगे। तमाम प्रयासों के बाद भी सेज जस का तस बना हुआ है। नए परिवर्तन से ही सही सेज आबाद हो और निर्यातकों को एक बेहतर माहौल में निर्यात इकाइयां संचालित करने का अवसर मिले। लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष अंशुल अग्रवाल ने कहा कि इसके लिए संगठन की ओर से लगातार पैरवी करेंगे। जल्द लखनऊ पहुंच कर फिर से मंत्री से मुलाकात करेंगे।

इस साल आधा शहर सीवर लाइन से जुड़ जाएगा

स्मार्ट सिटी में सभी घरों को सीवर लाइन से जोड़ा जाना है। अभी तक 239 किमी मुख्य सीवर लाइन बिछाई जा चुकी है। इस लाइन से बारह नाले जोड़े जा चुके हैं। दो नाले जोड़े जाने हैं। इसके बाद रामगंगा में नालों केम माध्यम से गंदा पानी नहीं जाएगा। रामगंगा के किनारे लगाए गए एसटीपी के माध्यम से तीस एमएलडी पानी प्रति दिन ट्रीट किया जा रहा है। इस नए साल में आधा शहर सीवर लाइन से जोड़े जाने का दावा अफसरों ने किया है। यह किसी चुनौती से कम नहीं है। तारिक अली प्रोजेक्ट मैनेजर का कहना है कि जो पहला लक्ष्य तय था उसमें 10740 घरों को जोड़ दिया गया है। कुल 51 घरों को जोड़ा जाना है। इसका डीपीआर बना कर शासन को भेजा जा चुका है। जिससे समय से आगे का काम होता रहे। मुख्य रूप से नाले टेप होने का काम तकरीबन हो गया है। दो नाले जल्द टेप हो जाएंगे।

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  • Web Title:In the new year Moradabad can get a flight from the airport and university can be gifted