मरीजों से वसूली : कैग की रिपोर्ट से होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज में मची खलबली
मुरादाबाद के राजकीय केजीके होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों से कथित तौर पर अवैध शुल्क वसूली का मामला सामने आया है। कैग की रिपोर्ट के अनुसार, 2018-19 से 2022-23 के बीच सात हजार से अधिक मरीजों से दो लाख पांच हजार रुपये वसूले गए, जबकि 2012 में शुल्क वसूली पर रोक लगा दी गई थी।

मुरादाबाद। महानगर के लाइनपार क्षेत्र में स्थित राजकीय केजीके होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय में भर्ती हुए मरीजों से कथित अवैध तरीके से शुल्क वसूली होने का मामला कैग (नियंत्रक एवं महालेखाकार) की जारी हुई ताजा रिपोर्ट में सामने आया है जिसने कॉलेज में खलबली मचा दी है। होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज प्रशासन इस रिपोर्ट से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच में जुट गया। कैग की रिपोर्ट के मुताबिक आयुष विभाग के अंतर्गत संचालित मुरादाबाद, पीलीभीत, लखनऊ, प्रयागराज और बांदा के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में शासन की रोक के बावजूद वर्ष 2018-19 से 2022-23 तक की अवधि में भर्ती हुए सात हजार से अधिक मरीजों से करीब ढाई लाख रुपये फीस के तौर पर वसूले गए, जबकि, शासन ने 2012 में मरीजों से शुल्क वसूली पर रोक लगा दी थी।
कॉलेज एवं हॉस्पिटल की ओपीडी व आईपीडी में इलाज के लिए मरीजों का पर्चा एक-एक रुपये में बन रहा है। इसके अलावा मरीजों से किसी भी रूप में कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। डॉ.डीएस कुशवाहा, प्राचार्य, राजकीय केजीके होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज, मुरादाबाद आईपीडी में इलाज के लिए भर्ती हुए मरीजों से शुल्क की वसूली से संबंधित यह प्रकरण पूर्व के वर्षों का है। वर्तमान में सिर्फ एक रुपए के शुल्क में ही इलाज के लिए मरीज पंजीकृत किए जा रहे हैं। डॉ.शिवशंकर यादव, रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर, राजकीय केजीके होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज
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