खेती की जमीन पर धड़ाधड़ कट रहीं कालोनियां

Apr 07, 2026 08:33 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मुरादाबाद
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Moradabad News - मुरादाबाद में कृषि भूमि पर अवैध कालोनियां काटी जा रही हैं, जिससे सरकार को लाखों रुपए का नुकसान हो रहा है। एमडीए ने एक साल में डेढ़ हजार बीघा भूमि पर अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया है। भू-माफिया सस्ती दर पर भूमि खरीदकर सियासी सेटिंग से कालोनियां विकसित कर रहे हैं।

खेती की जमीन पर धड़ाधड़ कट रहीं कालोनियां

प्राधिकरण क्षेत्र में खेती की जमीन पर बेखौफ अंदाज में कालोनियां काटी जा रही हैं। पूरा खेल सेटिंग के जरिए हो रहा है। इससे सरकार को हर माह लाखों रुपए के राजस्व का चूना लगा रहा है। इसके अलावा पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है। एमडीए उपाध्यक्ष ने एक साल के भीतर डेढ़ हजार बीघा जमीन पर की जा रही अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त करने की कार्रवाई की है। इसी प्रकार चार सौ से अधिक अवैध निर्माणों पर प्राधिकरण ने सीलिंग की कार्रवाई की है। दोबारा जमीन का भू-उपयोग बदलकर अवैध रूप से कालोनियां न काटीं जा सकें, इसके लिए प्राधिकरण संबंधित अवैध कॉलोनियों में अपना बोर्ड लगा रहा है।

जानकारों का कहना है कि भू-माफिया सस्ती दर पर कृषि भूमि खरीद लेते हैं। इसके बाद सियासी गठजोड़ और कर्मचारियों के साथ सेटिंग कर कालोनियां काटकर बेचना शुरू कर देते हैं। एमडीए के रिकॉर्ड में भोलानाथ समेत 194 अवैध कालोनियां मुरादाबाद। महानगर में भोलानाथ कालोनी समेत 194 अवैध कालोनियां विकास प्राधिकरण के रिकार्ड में दर्ज हैं। यह सारी कालोनियां आखिर कैसे विकसित हो गईं। भोलानाथ कालोनी में हर साल बरसात में भीषण जलभराव होता है। यहां रहने वाले करीब पांच सौ परिवार कई-कई दिनों तक बंधक बने रहते हैं। मजबूरन प्रशासन को कालोनी में नाव भिजवानी पड़ती है। नगर निगम यह जानते हुए कि अवैध कालोनी है, इसके बाद भी मानवीय आधार पर मडपंप लगवाकर पानी नाले में फिंकवाता है। कृषि भूमि की रजिस्ट्री में कम लगता स्टांप शुल्कमुरादाबाद। भू-माफिया भलीभांति जानते हैं कि कृषि भूमि की रजिस्ट्री कराने में स्टांप शुल्क कम लगता है, जबकि आवासीय और व्यावसायिक उपयोग के लिए रजिस्ट्री कराने में छह गुना तक ज्यादा स्टांप शुल्क जमा करना पड़ता है। इस कारण सेटिंग के खेल से काम होता है।वर्जनअवैध निर्माण के खिलाफ एमडीए कड़ी कार्रवाई कर रहा है। बुलडोजर कार्रवाई वाले स्थानों पर प्राधिकरण बोर्ड भी लगा रहा है। मकान या प्लाट खरीदने से पहले लोग प्राधिकरण के कार्यालय में आकर प्रापर्टी के बारे में अवश्यक जानकारी कर लें। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में नई व्यवस्था भी लागू की गई है। एक फाइल पर ही पूरे इलाके के अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जा रहा है। -अनुभव सिंह, एमडीए उपाध्यक्ष।

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