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दूध नकली होने का शक हो तो चेक कराएं अपनी किडनी

अगर आपको अपने यहां आने वाला दूध मिलावटी होने का संदेह है तो गुर्दे की जांच जरूर कराएं। डॉक्टरों का कहना है कि दूध के सिंथेटिक होने पर गुर्दे में क्रिएटिनिन की मात्रा बढ़ जाती है जिससे गुर्दे को ज्यादा काम करना पड़ता है आगे चलकर गुर्दा खराब होने का अंदेशा बढ़ जाता है। फिजीशियन डॉ. नितिन कुमार बत्रा ने बताया कि गुर्दे में क्रिएटिनिन यानि अशुद्धियां बढ़ना दूध के सिंथेटिक होने की सबसे बड़ी निशानी है। अगर आपको दूध के नकली होने का संदेह है तो समय समय पर क्रिएटिनिन की जांच कराते रहें। पेट में खराबी, बार बार उल्टी दस्त होना, तबियत गिरी गिरी, शरीर टूटा टूटा, ज्यादा थकान महसूस करना आदि नकली दूध पीने का असर हो सकता है। दूध में ज्यादातर यूरिया और डिटर्जेंट पाउडर की मिलावट की जा रही है। जिला अस्पताल के परामर्श चिकित्सक डॉ.एनके मिश्रा ने बताया कि स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से दूध में पानी की ज्यादा मिलावट उतनी खतरनाक नहीं है जितना कि इसमें गंदा पानी मिला होना खतरनाक है। इससे टॉयफायड, पीलिया आदि बीमारी हो रही हैं। डॉ.नितिन बत्रा ने शादी आदि दावतों में दूध से बनीं चीजें जैसे पनीर आदि खाने से बचने की सलाह दी। अंदेशा जाहिर किया कि सिंथेटिक और मिलावटी दूध का इस्तेमाल शादी पार्टियों में सबसे ज्यादा किया जा रहा है।

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  • Web Title:If milk is suspected to be fake then check the kidney