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1 नवंबर, 2020|7:20|IST

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अठारह सौ सत्तावन की क्रांति से आजादी तक की दास्तां सुनाएंगे गुरूजी

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मुरादाबाद। कार्यालय संवाददाता

स्कूली बच्चों के बीच कहानी की एक लोकप्रिय परंपरा रही है। कहानी सुनना और सुनाना सभी को विशेषकर बच्चों को बहुत अच्छा लगता है। कहानी सुनाने की विद्या को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, उप्र लखनऊ की ओर से कहानी सुनाने की प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है।

कोविड-19 के कारण सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए यह प्रतियोगिता ऑनलाइन आयोजित की जाएगी। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता की प्रक्रियाओं में परिवर्तन किया जा सकता है। यह प्रतियोगिता प्राथमिक/उच्च प्राथमिक दोनों स्तर के शिक्षकों के लिए होगी। यह कहानी प्रतियोगिता वर्ष 1857 से 1947 तक के कालखंड की प्रेरक घटनाओं पर आधारित होगी। इस दौरान के प्रेरक घटनाओं को कहानी के रूप में शिक्षक प्रस्तुत करेंगे। जिला स्तर पर चयनित शिक्षकों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका प्रदेश स्तर पर भी मिलेगा। विजेता शिक्षकों की कहानियां मॉडल के रूप में विभाग के यू-ट्यूब चैनल पर प्रस्तुत होंगी। बेसिक शिक्षा विभाग को अधिक से अधिक शिक्षकों को प्रतिभाग कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी योगेंद्र कुमार ने बताया कि सभी ब्लॉक के शिक्षकों को इस संबंध में पत्र के माध्यम से जानकारी दी गई है। साथ ही इसमें प्रतिभाग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

शौर्य, त्याग, देशप्रेम की भावना विकसित करना है उद्देश्य

शिक्षकों की ओर से प्रस्तुत की जाने वाली कहानी वर्ष 1857 से 1947 तक के गुलामी के कालखंड की प्रेरक घटनाओं पर आधारित होना अनिवार्य है, जिससे आने वाली पीढ़ी इन कथाओं से परिचित हो सके। शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि प्रेरक घटनाओं को कहानी के माध्यम से इस प्रकार प्रस्तुत किया जाए कि बच्चों को प्रेरक घटनाओं की जानकारी के साथ-साथ उनमें पराक्रम, शौर्य, त्याग, संवेदनशीलता, देशप्रेम की भावना का भी विकास हो सके।

यू-ट्यूब चैनल पर अपलोड की जाएंगी ये कहानियां

जनपद स्तर पर शिक्षकों को कहानी का ऑडियो जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान को उपलब्ध कराना होगा। इन कहानियों की स्क्रीनिंग साहित्यकार एवं बाल कहानीकारों के पैनल के माध्यम से कराया जाएगा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की ओर से कहानी प्रतियोगिता के ऑडियो संस्थान के यू-ट्यूब चैनल पर अपलोड किए जाएंगे। जिला स्तर पर दस पुरुष एवं दस महिला शिक्षकों के कहानी के ऑडियो का चयन कर श्रेष्ठ कहानी विद्या के शिक्षक के रूप में किया जाएगा। इनमें से श्रेष्ठ दो शिक्षक राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। जिला स्तरीय प्रतियोगिता 16 नवम्बर तक आयोजित होगी।

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  • Web Title:Guruji will narrate the stories from the revolution of 1857