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मछली पालन में मिल रहा अनुदान, जानें किस नस्ल की मछली पालें

मछली पालन में मिल रहा अनुदान, जानें किस नस्ल की मछली पालें

मुरादाबाद में नीली क्रांति के आगाज में कुछ मछली पालक अब नजीर बन रहे हैं। गंगा सरन, जितेंद्र और ओम प्रकाश पंगेशियस मछली पालन को बढ़ावा दे रहे हैं। इस मछली का ज्यादा उत्पादन मालामाल करने के लिए काफी है। यह मछली छह माह मे एक किलो की हो जाती है। बाजार में भी इस प्रजाति की अच्छी मांग है।

रोहू, कतला नैन के मुकाबले पंगेशियस जल्दी बढ़ती है। कांठ तहसील के कुरी रवाना गांव में गंगा सरन के तालाब में यह मछलियां पाली गई हैं। फूलपुर मिट्ठन के ओम प्रकाश और कांठ के जितेंद्र ने मछली पालन में नई इबारत लिखने की ठानी है। नीली क्रांति योजना में तालाब सुधार तालाब निर्माण के साथ मछली पालन को सरकार से अनुदान मिलता है। मत्स्य विभाग की योजना है कि ज्यादा से ज्यादा लोग मंडल में मछली पालन से लाभ ले सकें। सीईओ फिशरी राजकुमार गुप्ता बताते हैं कि इस साल का लक्ष्य हैं पूरा हो गया है। बहुत उत्साह से मछली पालक इस योजना में काम कर रहे हैं। इस बार तालाब निर्माण में एक हेक्टेयर का एससी वर्ग में और 3.23 हेक्टेयर अन्य में लक्ष्य था। तालाब सुधार में 0.314 हेक्टेयर का लक्ष्य है। रेयरिंग यूनिट में छह लाख की यूनिट होती है तीन यूनिट का लक्ष्य पूरा हो गया है।

पंगेशियस के बारे में

यह मछली अन्य मछलियों के साथ भी पाली जा सकती है। छह महीने में यह सही देखरेख और चारे से एक किलोग्राम वजनी तक हो जाती है। अन्य मछलियां इस अनुपात में नहीं बढ़तीं। इसमें एक कांटा होता है इसलिए बाजार में भी इसकी मांग रहती है। मछली पालकों के लिए इसका पालन फायदे का सौदा है। मछली की निकासी छह से आठ महीने में या फिर 10 से 12 महीने में की जाती है। इसके बाद इसे बर्फ में रखा जाता है।

मछली पालन की दिशा में मंडल में अच्छा काम हुआ है। मुरादाबाद समेत मंडल के अन्य जिलों में मछली पालन में सरकार की अनुदान योजनाओं का लाभ मछली पालक ले रहे हैं। पंगेशियस का पालन भी आर्थिक लाभ के लिहाज से अच्छा है इसकी यहां पहल सराहनीय है।

सुचेता गुप्ता, उप निदेशक मत्स्य

यह योजनाएं

तालाब सुधार : इसमें 3.50 लाख का प्रोजेक्ट है दस साल के लिए तालाब का पट्टा होता है। मत्स्य पालन को 1.50 लाख रुपए मिलते हैं। सामान्य और ओबीसी को चालीस व एससी एसटी और महिला को 60 फीसदी अनुदान है।

तालाब निर्माण: इस योजना में निजी जमीन पर तालाब का निर्माण करवाया जाता है। सात लाख की स्कीम है। मछली पालन में उपरोक्त अनुदान और व्यवस्था है। बाइक विद आइस बाक्स में साठ हजार की स्कीम में 36 हजार अनुदान है। यह योजना एससी वर्ग के लिए है।

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