DA Image
1 जुलाई, 2020|6:43|IST

अगली स्टोरी

भगवान गए शयन को, चार माह को थम गए शुभ कार्य

default image

बुधवार को देवशयनी के साथ भगवान विष्णु का शयन यानि चातुर्मास आरंभ हो गया। इसके साथ ही सभी विवाह आदि सभी शुभ कार्य चार माह के लिए रूक गए। अब यह 26 नवंबर से ही शुरू हो जाएंगे। उधर श्रद्धालुओं ने व्रत रखा। भगवान विष्णु की आराधना की। मंदिरों के कपाट तो बंद रहे मगर मंदिरों में पुजारी आदि ने ही भगवान की पूजा, अर्चना, शृंगार किया और भोग लगाकर भगवान को विश्राम कराया।

देव शयन एकादशी को भी मंदिर तो बंद रहे मगर मंदिर के अंदर पुजारी एवं अन्य स्टाफ सुबह से ही पूजा में लग गए। उन्होंने भगवान विष्णु को स्नान, शृंगार आदि कराया। भोग लगाया और आरती के बाद भी उन्हें शयन करा दिया। इसके साथ ही चातुर्मास आरंभ हो गया और सभी प्रकार के शुभ कार्य बंद हो गए। अब यह 26 नवंबर को देवोत्थान एकादशी से ही आरंभ होंगे। उधर घरों में भी श्रद्धालुओं ने व्रत रखा। भगवान विष्णु के साथ उनकी प्रिय तुलसी की भी पूजा अर्चना की। भगवान को पीले वस्त्र और पीले फूल आदि से सजाया। भगवान को पीले भोजन और फलों से भोग लगाया। पीली वस्तुओं का दान किया। अंत में आरती कर भगवान को शयन करा दिया। इसके साथ ही भगवान विष्णु पृथ्वी का कार्य भगवान शिव को सौंपकर चार माह के लिए शयन को चले गए।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:God went to sleep auspicious work stopped for four months