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मुकद्दस रमजान में रोजेदारों पर बरसतीं है खुदा की बेशुमार रहमतें

मुकद्दस रमजान में रोजेदारों पर बरसतीं है खुदा की बेशुमार रहमतें

रमज़ान-उल-मुबारक खैर-ओ-बरकत का महीना है। इबादत का महीना है। दरगाह सुल्तान के सज्जादानशीं सैयद अली नईम चिश्ती कहते हैं कि ये माह जन्नत के दरवाजे खोलता है। जहन्नुम के दरवाजे बंद कर देता है। इस माह की एक रात हज़ार महीनों से अफ़ज़ल है। किसी अमल-ए-मुस्तहब का सवाब फर्ज़ के बराबर है। एक नेकी के बदले सत्तर गुना सवाब मिलता है। रोज़े की फ़जीलत के लिए इतना काफी है। रोजे़ का जज़ा मैं खुद ही दूंगा: अल्लाह तबारक वताआला ने इरशाद फरमाया है कि रोज़ा मेरे लिए है। इसका जज़ा (बदला) भी मैं खुद ही दूंगा। कारी दानिश कादरी बताते हैं कि ये महीना सब्र का महीना है। यही महीना शुक्र अदा करने का है। रमज़ान के पाक माह की आमद का सिलसिला ही फ़िज़ा में इबादत और इनायत का खूबसूरत तालमेल सजाने लगा है। रोज़े का एक मतलब तकवा भी है। तकवा यानी खुद को बुराईयों से बचाना है। इंसान रोज़ा रखकर खुद को ऐसा इंसान बनाने की कोशिश करता है, जैसा उसका रब चाहता है। अच्छी बातों को अपनाता है। महज़ खाने-पीने का नहीं रोज़ा : रोज़ा महज़ खाने-पीने का ही नहीं होता। कारी हाशिमुल कदारी कहते हैं कि रोज़ा इंसान के हर एक भाग का होता है। रोज़ा आंख का होता है। इसका मतलब बुरा मत देखो। रोज़ा ज़ुबान का होता है। इसका मतलब बुरा मत बोलो। रोज़ा कान का होता है। इसका मतलब किसी की बुराई मत सुनो। मुकद्दस रमज़ान का महीना जारी है। बरकतोंं का सिलसिला जारी है। बुराइयों को दूर करने का सिलसिला जारी है। माहे रमजान में एक के बदले 70 नेकियों का शबाब: जेल रोड वाली मस्जिद में हाफिज मुद्दसिर साहब ने तरावीह के बाद मुल्क और कौम की तरक्की की दुआ के साथ जल और पर्यावरण संरक्षण का भी आह्वान किया। तख्त वाली मस्जिद में मौलाना इंतेसाब हुसैनी कदीरी ने तरावीह पढ़ाई। उन्होंने माहे रमजान में इबादत को पूरे साल की ट्रेनिंग बताया और जल तथा पर्यावरण संरक्षण पर भी बल दिया। उधर जिगर कालोनी में चल रहीं तरावीह मुकम्मल हो गईं। अंत में हाफिज लईक अहमद ने दुआ कराई। उन्होंने भी जल, पर्यावरण और भ्रूण संरक्षण पर बल दिया। जामिल उल हुदा गलशहीद में कारी अब्दुल खालिक ने तीन पारे पढ़ाए। दूसरी ओर मौलाना गणों ने लोगों को नेकी करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि अल्लाह एक नेकी के बदले सत्तर नेकी का शबाब देता है। इसलिए हमें सदैव नेकी करनी चाहिए।

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  • Web Title:God blesses on his devotees in Ramzan month