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फर्जी आयकर रिटर्न दिखाकर 12 लोगों ने झटका कार लोन

बैंक से कार लोन लेने के लिए बारह लोगों ने फर्जी इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) बनवा लिया। जब कार लोन लेने के बाद ये लोग डिफॉल्टर हो गए तो हकीकत सामने आई। बैंक के मुकदमा लिखाने पर मामला आयकर विभाग के संज्ञान में आया। मामला एसबीआई की सिटी ब्रांच का है। बैंक प्रबंधक ने बारह लोगों के खिलाफ थाना मुगलपुरा में मुकदमा लिखाया है। जांच कर रहे पुलिस अधिकारी बुधवार को आयकर दफ्तर पहुंचे और कार लोन लेने के लिए इन लोगों द्वारा बैंक में दर्शाए गए इनकम टैक्स रिटर्न को दिखाया। आयकर अधिकारियों ने रिटर्न पेपर को ही फर्जी बता दिया। सभी आईटीआर मैन्युअल तरीके से भरे गए थे और इन पर आयकर विभाग की फर्जी मुहर थी। हालांकि पैन नंबर सही पाया गया। जांच अधिकारी के मुताबिक आयकर विभाग से रिपोर्ट मिलने के बाद डिफॉल्टरों की गिरफ्तारी होगी। फर्जीवाड़े को तार तार कर दिया नियम: एक तो रिटर्न में आमदनी बढ़ा चढ़ाकर दर्शाई उस पर उस आमदनी के हिसाब से रिटर्न भरने के नियम को ही दरकिनार कर दिया। बारह में से आधे लोगों की सालाना आमदनी रिटर्न में पांच लाख से ज्यादा दिखाई गई है, जबकि इतनी आमदनी पर रिटर्न ऑनलाइन दाखिल करना होता है। जिस पर आयकर विभाग की मुहर भी नहीं लगती। बैंक कर्मी की मिलीभगत का संदेह पुलिस और आयकर विभाग के अधिकारी आईटीआर के फर्जीवाड़े मामले में बैंक के किसी कर्मी की मिलीभगत का संदेह जाहिर कर रहे हैं। तर्क है कि कार लोन के लिए आवेदक का कैसा स्टेटस दर्शाया जाना चाहिए यह उस व्यक्ति को मालूम था जिसने उनका यह फर्जी आईटीआर बनवाया। बाकायदा, आयकर विभाग की फर्जी मुहर तैयार कराकर रिटर्न पर लगवाई। एक ही इलाके के हैं सभी डिफॉल्टर एसबीआई सिटी ब्रांच में हुए कार लोन घोटाले के सभी आरोपी एक ही इलाके के रहने वाले हैं।

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  • Web Title:Get the car loan by showing fake income tax return