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शहर में बिखरा पड़ा कूड़ा और कंडम हो गईं लाखों की मशीनें

शहर में बिखरा पड़ा कूड़ा और कंडम हो गईं लाखों की मशीनें

हद है... पूरे शहर में कूड़ा बिखरा पड़ा है और उसे उठाने के लिए मंगाई गई करोड़ों की मशीनें सफाई गोदाम में लावारिस पड़ी हुई हैं। बड़ी सड़कों पर सफाई के लिए 55 लाख रुपये से मंगाई गई रोड स्वीपिंग मशीन और नाला सफाई को मंगाई गई फांसी मशीन भी कंडम हालत में पड़ी हुई है। यह खुलासा बुधवार को नए नगर आयुक्त अवनीश कुमार शर्मा के छापेमारी में हुआ। उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए जल्द से जल्द से दुरुस्त करने का निर्देश दिया। स्वच्छता सर्वेक्षण में काफी नीचे रहने के बाद भी नगर निगम ने सबक नहीं लिया। बुधवार को पहले दौरे में नगर आयुक्त ने सफाई गोदाम को मुआयना किया तो हालात देखकर दंग रह गए। मशीनें, उपकरण सबकुछ बदतर हालत में था। सफाई के नाम पर करोड़ों खर्च कर महंगी मशीनें मंगा तो ली गई पर रखरखाव न होने से बेकार हो गया। जिन मशीनों को सफाई अभियान में दिखना चाहिए था पर वे सफाई गोदाम पड़ी है। कई साल पहले हाईवे पर सफाई के लिए रोड 55 लाख की लागत से स्वीपिंग मशीन खरीदी पर यह मशीन कुछ दिन चलकर ‘अंगद का पैर बनकर गई। नाला सफाई के लिए फांसी मशीन की हालत है। जबकि मशीन के पहिए में पंक्चर और बेट्री की समस्या थी पर लाखों के सामान को कबाड़खाने में ही फिंकवा दिया। इसके अलावा टाटा ऐस सीएनजी कूड़ा वाहन भी बेकार पड़े मिले। एक दर्जन से ज्यादा वाहनों में केवल गैस की कमी थी। चौधरपुर में गैस भरने के लिए नकद रकम चुकानी पड़ती। पर जिम्मेदारों ने उधार के नाम पर इसे कंडम की श्रेणी में खड़ा कर दिया। इसी तरह हाथ ठेले व अन्य सामान भी खराब पड़े मिले। ये वाहन क्लीन मुरादाबाद-ग्रीन सिटी के नाम पर मंगाए गए थे। जबकि मामूली खराबी को दूर कर इसे सफाई मुहिम में इस्तेमाल किया जा सकता था।

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  • Web Title:Garbage in the city and Millions of machines are turned out