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8 अगस्त, 2020|5:52|IST

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स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आजाद को किया याद

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क्षेत्र के गांव अमरपुर काशी में स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आजाद की जयंती मनाई गई। इस बीच उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए गए।प्रधानाचार्य पंडित विनोद कुमार मिश्र ने उनके जीवन से जुड़े कई क्रांतिकारी प्रसंग सुनाए उन्होंने कहा कि आज के दिन मध्य प्रदेश के हावड़ा गांव में एक ब्राह्मण परिवार में उनका जन्म हुआ। अध्ययन के लिए उन्हें बनारस के संस्कृत पाठशाला भेजा गया। 15 साल की उम्र में उन्होंने असहयोग आंदोलन में भाग लिया।

इस बीच अंग्रेजी गुर्गों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मजिस्ट्रेट के सामने उन्हें 15 कोड़ो की सजा मिली। काकोरी कांड व अन्य क्रांतिकारी गतिविधियों में शामिल रहे। इस बीच हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन से जुड़े और भारत माता की आजादी के लिए उन्होंने अपना नाम आजाद बताया। कई बार वे जेल भी गए। इसके बाद 27 फरवरी सन 1931 को इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में पुलिस ने जब घेरा तो बहादुरी से मुकाबला करने के बाद खुद को गोली मारकर उन्होंने अपना जीवन का त्याग कर दिया। हम सभी को उनके जीवन,त्याग और बलिदान से प्रेरणा लेनी चाहिए। इस बीच मुख्य रूप से भाजपा जिला कार्यकारिणी के सदस्य मेघराज सैनी, ठाकुर सोमपाल सिंह तोमर, विजेंद्र वर्मा, नाथू सिंह यादव, विनोद कुमार शर्मा, प्रदीप यादव, अरविंद यादव, संगम यादव आदि रहे।

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  • Web Title:Freedom fighter Chandrashekhar Azad remembered