स्वर्ण रथ पर सवार होंगे चक्रवर्ती भरत, हेलीकॉप्टर से होगी पुष्पों-रत्नों की वर्षा

स्वर्ण रथ पर सवार होंगे चक्रवर्ती भरत, हेलीकॉप्टर से होगी पुष्पों-रत्नों की वर्षा

संक्षेप:

Moradabad News - टीएमयू के कैंपस में चक्रवर्ती सम्राट भरत की पहली दिव्य दिग्विजय यात्रा 30 अक्टूबर को शुरू होगी। इस यात्रा में रथयात्रा, हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ शामिल हैं। श्रद्धालुओं के लिए 100 किमी तक बसों की व्यवस्था की गई है। यह यात्रा 7 नवंबर को विश्व शांति महायज्ञ के समापन के साथ समाप्त होगी।

Nov 04, 2025 08:47 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मुरादाबाद
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टीएमयू की धरती पर पहली बार चक्रवर्ती सम्राट भरत की लौकिक दिग्विजय यात्रा निकलेगी। 130 एकड़ के कैंपस में चक्रवर्ती सम्राट भरत की वेस्ट यूपी में पहली बार दिव्य और भव्य दिग्विजय यात्रा एवं भगवान ऋषभदेव की दिव्य रथयात्रा का प्रात: 9:30 बजे शंखनाद होगा। अजमेर से आए ज्ञान-विज्ञान संयम उत्सव विशाल स्वर्ण-रथ पर टीएमयू के ग्रुप वाइस चेयरमैन मनीष जैन चक्रवर्ती सम्राट भरत और ऋचा जैन सुभद्रा चक्रवर्ती की भूमिका में सवार होंगे। इस रथयात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर से पुष्पों एवं रत्नों की वर्षा होगी। इस दिग्विजय यात्रा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस यात्रा के लिए टीएमयू की ओर से 100 किमी तक से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बस की व्यवस्था भी की गई है।

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सभी अतिथियों के लिए दिग्विजय यात्रा के पश्चात दोपहर में कुलाधिपति आवास-संवृद्धि पर भोज की व्यवस्था रहेगी। बता दें कि मज्जिनेंद्र कल्पद्रुम महामंडल विधान जैन संतों के सानिध्य में रिद्धि-सिद्धि भवन में 30 अक्टूबर से विधि-विधान से चल रहा है, जिसका समापन विश्व शांति महायज्ञ के साथ सात नवंबर को होगा। कुलाधिपति एवं महायज्ञ नायक सुरेश जैन ने बताया कि 108 प्रज्ञानंद महामुनिराज, मुनि श्री 108 सभ्यानंद ससंघ एवं गिरनार गौरव आचार्य 108 निर्मल सागर के परम प्रभावी शिष्य क्षुल्लकरत्न गिरनार पीठाधीश 105 समर्पण सागर महाराज संसंघ का दिग्विजय यात्रा में सानिध्य रहेगा। दिग्विजय यात्रा में पुणे का वाद्य यंत्र-झांज पथक, केरल के ढोल-चेंडा मेलम, रहली पटना सागर से ऐरावत हाथी, दिल्ली का नासिक ढोल, खुरई से रमतुला दलदल घोड़ी, दिल्ली से शहनाई, ऊंट, बग्गी, मंगल कलश, जबलपुर का प्रसिद्ध श्याम बैंड आदि की झांकियां हजारों श्रद्धालुओं का संगम एक अद्भुत एवम् अप्रतिम होंगे। एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अक्षत जैन ने कहा कि शिक्षा और अध्यात्म एक-दूसरे के पूरक हैं, इसीलिए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने दिग्विजय यात्रा को भारतीय संस्कृति और देवलोक के महोत्सव जैसा स्वरूप देने के लिए काफी प्रबंध किए हैं।