निजीकरण के बिजली कर्मियों का प्रदर्शन, जेल भरो व लाइटनिंग स्ट्राइक की चेतावनी
Moradabad News - बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर, बिजली कर्मियों ने कार्य बंद कर मुख्य अभियंता कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में निजीकरण प्रक्रिया और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल के खिलाफ चेतावनी दी। कर्मचारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे सामूहिक रूप से जेल भरो आंदोलन करेंगे।

बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर गुरुवार को बिजली कर्मियों ने कार्य बंद कर मुख्य अभियंता कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन में कर्मचारी, जूनियर इंजीनियर और अभियंता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान बिजली कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उत्तर प्रदेश में जारी निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त नहीं की गई और इसके लिए टेंडर जारी किया गया तो सभी बिजली कर्मी सामूहिक रूप से जेल भरो आंदोलन शुरू करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। प्रदर्शन कर्मचारियों ने कहा कि यदि संसद के बजट सत्र में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल पारित करने का प्रयास हुआ तो देशभर के करीब 27 लाख बिजली कर्मचारी बिना अतिरिक्त नोटिस के कार्य बंद कर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
इसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी। आंदोलन के दौरान पावर सेक्टर के निजीकरण का विरोध, इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 और प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 को वापस लेने, प्रदेश में निजीकरण प्रक्रिया समाप्त करने तथा पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग प्रमुख रूप से मांग उठाई। इसके अलावा नियमित प्रकृति के कार्यों में आउटसोर्सिंग पर रोक, रिक्त पदों पर सीधी भर्ती और आउटसोर्स कर्मियों के नियमितीकरण की भी मांग की गई। प्रदर्शन में जिला सचिव शिवम शर्मा, जिलाअध्यक्ष मुलायम सिंह यादव, जिला सचिव शिवम शर्मा व सचिन रस्तोगी समेत अन्य बिजली कर्मी शामिल रहे।

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