
अब मंदिर की भूमि से हटकर बनेगा आयुर्वेदिक अस्पताल
Moradabad News - लंबे समय से चल रहे श्री शिव मढ़ी मंदिर की भूमि पर आयुर्वेदिक चिकित्सालय के निर्माण के विवाद का निस्तारण हुआ। मंत्री अनिल कुमार ने अस्पताल को मंदिर से अलग जगह पर बनाने का निर्देश दिया। श्रद्धालुओं और भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस निर्णय का स्वागत किया, जिससे धार्मिक समुदाय में संतोष प्रकट हुआ।
लंबे समय से तहसील क्षेत्र के प्राचीन एवं प्रसिद्ध श्री शिव मढ़ी मंदिर की भूमि पर प्रशासन द्वारा आयुर्वेदिक चिकित्सालय के निर्माण को लेकर प्रशासन एवं श्रद्धालुओं के बीच चल रहे विवाद का बुधवार को निस्तारण हो गया। मंत्री ने दोनों पक्षों को समझने के बाद आयुर्वेदिक अस्पताल को मंदिर की भूमि से अलग कहीं बनाने के निर्देश दिए। मुरादाबाद में बुधवार जिला स्तरीय समीक्षा बैठक सर्किट हाउस में आयोजित हुई, जिसमें प्रभारी मंत्री अनिल कुमार के साथ शहर मेयर विनोद अग्रवाल, कुंदरकी विधायक रामवीर सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष शेफाली सिंह, महानगर अध्यक्ष गिरीश भांडुला, पूर्व जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह चौहान, जिलाधिकारी अनिल कुमार सहित पुलिस प्रशासन का पूरा महकमा मौजूद था।
इस समय दर्जनों भाजपा कार्यकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं ने भाजपा नेता के पूर्व नगर अध्यक्ष शिवेंद्र बंधु गुप्ता के नेतृत्व में बैठक में पहुंचकर मंदिर की भूमि पर कब्जा किए जाने का मुद्दा उठाया। पूरा मामला समझने के बाद प्रभारी मंत्री अनिल कुमार ने जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि आयुर्वेदिक चिकित्सालय किसी अन्य भूमि पर स्थानांतरित किया जाए, जिसको लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में मंत्री का आभार जताया। इस मामले में पूर्व में श्री शिव मढ़ी मंदिर सेवा ट्रस्ट, भाजपा नेता गजेंद्र सिंह चौहान, ठाकुर अजय प्रताप सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह चौहान, मुरादाबाद शहर विधायक रितेश गुप्ता, मंदिर कमेटी के संजय सिंघल, संजीव अग्रवाल,राकेश गोयल, अनुराग सिंघल, आशीष अग्रवाल, दीपक वाल्मीकि, संजीव चौहान, राजेंद्र पांडे आदि इस निर्माण का विरोध करते आ रहे थे एवं इसको लेकर दर्जनों बार मुख्यमंत्री पोर्टल, मंडलायुक्त तथा जिलाधिकारी से शिकायत कर चुके थे। इस दौरान चार बार काम रोकने के निर्देश भी दिए गए किंतु बाद में कार्य पुनः प्रारंभ करा दिया गया, जिसको लेकर तहसील क्षेत्र के धर्म प्रेमियों में रोष व्याप्त था एवं इसकी शिकायत भाजपा के प्रदेश स्तरीय नेताओं से भी की गई थी। गाटा संख्या 595 मी. में ग्राम समाज तथा 595ग में 810 वर्ग मीटर जमीन बंजर झाली के रूप में दर्ज थी, किंतु वास्तविकता में इस 810 वर्ग मीटर रकबे में सड़क चल रही है जो कि राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है, शिकायत के बाद मौके का मुआयना किए जाने पर नक्शा नजरिया में इसका उल्लेख भी है किंतु रिपोर्ट में नहीं दर्शाया गया, जिसके चलते अधिकारियों को गुमराह किया जा रहा था।

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