DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   उत्तर प्रदेश  ›  मुरादाबाद  ›  मुरादाबाद में आवेदन निरस्त होने से हज आवेदकों में छायी मायूसी
मुरादाबाद

मुरादाबाद में आवेदन निरस्त होने से हज आवेदकों में छायी मायूसी

हिन्दुस्तान टीम,मुरादाबादPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 12:30 PM
मुरादाबाद में आवेदन निरस्त होने से हज आवेदकों में छायी मायूसी

मुरादाबाद। वरिष्ठ संवाददाता

कोरोना ने एक बार फिर हज यात्रा पर ग्रहण लगा दिया है। सऊदी अरब की सरकार ने इस बार भी हज के लिए बाहर से आने वाले यात्रियों पर रोक लगा दी है। पिछले साल भी लोग कोरोना के कारण हज के लिए नहीं जा सके थे।

सऊदी सरकार के इस नए फरमान से हज यात्रियों में मायूसी है। वार्ता के दौरान कुछ लोगों ने अनायास ही कहा ‘या अल्लाह हम से ऐसी कौन सी गुस्ताखी हो गई कि तूने दो साल ने अपने द्वार हमारे लिए बंद कर दिये। रहम कर खुदा। हमारी दुआ कबूल कर। हमें अपने घर का दीदार करने और काबे अपनी इबादत करने की इजाजत फरमाई।

सऊदी सरकार के नए फरमान ने किया मायूस

इस बार कोरोना के कारण पहले ही शहर से मात्र लगभग 200, प्रदेश से 6000 और देश से 65000 हजार ही लोगों ने आवेदन किया था। क्योंकि पहले से ही लोगों के मन में यात्रा को लेकर संशय थी। मगर वहां कर सरकार ने पहले फरमान में 45000 विदेश हज यात्रियों को आने की सशर्त अनुमति देने तथा वैक्सीन लगाने की बात कहकर उम्मीद जगाई थी। उसने तीन स्तर से हज कराने की बात भी कही थी। इसीलिए लोगों ने तैयारियां शुरू कर दी थीं। पैसे से लेकर अन्य तैयारियां की जा रहीं थीं। इसी दौरान इस नए फरमान ने सभी को मायूस कर दिया। शहर के कुछ लोग तो दो साल से लागतार आवेदन कर रहे हें। उन्हें भी काफी मायूसी है।

मुख्तार असलम, हज ट्रेनर

अल्लाह माफ कर हज की इजाजत दे

हज करने और काबे जाकर इबादत करने की बड़ी तमन्ना है। मगर न जाने अल्लाह क्यों नाराज है। लगातार दो साल से कोरोना के कारण यात्रा स्थगित हो रही है। जरूर हमसे कोई गलती हुई होगी। शायद हमसे ही कोई गुनाह हुआ हो। बस अब तो अल्लाह माफ करे। इस कोरोना से निजात दिलाए और हमें हज करने की इजाजत फरमाए।

फरजाना, आवेदक

बड़े नसीब वालों को नसीब होता है हज

कहते हैं हज बड़े नसीब वालों को करने को मिलता है। क्योंकि काबे में जाकर इबादत करने से अल्लाह सभी गुनाह माफ कर देता है। शायद अभी हमारे नसीब में हज नहीं। इसीलिए लगातार दो साल से प्रयास करने के बाद भी काबा में सजदे करने का अफसर नहीं मिल रहा। अल्लाह से यही गुजारिश है कि जल्द ही हमे माफ करे और हज करने की अनुमति दे।

सलीम अख्तर, आवेदक

दो साल से नहीं मिल रहा हज का मौका

जाने ऐसा कौन सा गुनाह हुआ कि दो साल से लगातार आवेदन करने के बाद भी हज पर नहीं जा पा रहे। इसबार तो पूरी तैयारी कर ली थी। वैक्सीन लगवाने की तैयारी थी। सऊदी सरकार द्वारा पहले बताए नियमों के पालन का भी मन बना लिया था। मगर अचानक मिले नए फरमान में रोक लगने से मायूसी हो गई। अल्लाह माफ करे।

मोहम्मद जीशान, आवेदक

नियमों के पालन के साथ मिल जाती अनुमति

अपने नए नियमों का पालन कराने के बाद तो सऊदी सरकार को हज यात्रा की अनुमति देनी चाहिए थी। रोक लगने से दुनिया के लाखों आवेदकों को निराशा हो गई। सारी तैयारियां बेकार गईं। हो सकता है हममें से किसी से कोई गुनाह हुआ हो कि अल्लाह ने हमारे लिए अपने दर बंद कर लिए। अल्लाह हमें माफ करे और हज करने की दजाजत फरमाए।

इफला अली, आवेदक

‘या अल्लाह ऐसी क्या गलती हुई जो तूने बंद कर लिए द्वार

‘या अल्लाह ऐसी क्या गलती हुई जो तूने बंद कर लिए द्वार

लगातार दो साल से लगातार नहीं हो पा रहा तेरा दीदार

हज यात्रा पर नहीं जा पा रहे यात्री

सऊदी सरकार के नए फरमान ने छा गई मायूसी

देश 65000, प्रदेश से 6000 और शहर से जाने थे 2

मुरादाबाद। ‘या अल्लाह हमसे ऐसी क्या गलती हो गई जो तूने हमारे लिए अपने दर बंद कर दिये, दो साल से नहीं कर सके तेरा दीदारयह कहना था मायूसी से भरे हज ट्रेनर मुख्तार असलम का। उन्होंने बताया पिछले साल भी हज यात्रा के लिए लोग नहीं जा सके। इस बार कुछ उम्मीद थी जिसे सऊदी अरब की सरकार के नए फरमान ने निराशा में बदल दिया।

उन्होंने बताया कि पिछले दिनों फरमान आया था कि हज यात्रा पर जाने के लिए वैक्सीन लगवाना जरूरी है। दूसरी फरमान में कहा गया था सऊदी सरकार केवल साथ हजार लोगों को ही हज कराएगी। इनमें पैंतालिस हजार विदेशी होंगे। इससे कुछ आस जगी थी। मगर अब नए फरमान स्पष्ट कर दिया गया हज करने वालों में पंद्रह हजार केवल सऊदी के होंगे। पैंतालिस हजार विदेशी होंगे मगर यह वहीं होंगे जो सऊदी में रह रहे होंगे। चाहे वह किसी भी देश का हो। बाहर से किसी को भी नहीं आने दिया जाएगा। हज करने वालों के लिए भी वैक्सीन अनिवार्य है और इन्हें वहां की सरकार अपने नियमों के अनुसार ही हज कराएगी। जिसमें क्वारंटाइन भी किया जाएगा। इनके लिए भी तीन स्तर से हज कराया जाएगा। गौरतलब है कि भारत से पैंसठ हजार, उत्तर प्रदेश से छह हजार और मुरादाबाद से दो सौ लोगों ने हज के लिए आवेदन किया था।

संबंधित खबरें