दलित उत्पीड़न के विरोध में सड़क पर उतरे लोग

दलित उत्पीड़न के विरोध में सड़क पर उतरे लोग

संक्षेप:

Moradabad News - मुरादाबाद में दलित संगठनों ने उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने न्यायालय में चीफ जस्टिस पर जूता फेंकने वाले वकील के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कलक्ट्रेट पर...

Oct 15, 2025 06:26 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मुरादाबाद
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मुरादाबाद। उत्पीड़न की घटनाओं में अप्रत्याशित वृद्धि के विरोध में दलित संगठनों में जबरदस्त गुस्सा है। बुधवार को बहुजन समन्वय समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में दलित संगठनों के लोग सिविल लाइंस स्थित आंबेडकर पार्क में एकत्र हुए। उनका कहना था कि चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के ऊपर भरी अदालत जूता फेंकने की घटना को अंजाम दिया गया। आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी प्रकार देशभर में दलितों के साथ खुलेआम अत्याचार किया जा रहा है। आरोपी खुलेआम बेखौफ अंदाज में घूम रहे हैं। इसके बाद सभी लोग जुलूस की शक्ल में आंबेडकर पार्क से कलक्ट्रेट पहुंचे।

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यहां एक राष्ट्रीय चैनल की एंकर के द्वारा अभद्र टिप्पणी को लेकर उनके पोस्टर को आग के हवाले किया गया। सुरक्षा के लिहाज से सिविल लाइंस थाने की पुलिस के अलावा कोतवाली पुलिस को भी तैनात किया गया। कलक्ट्रेट पर जोरदार नारेबाजी कर प्रदर्शन किया गया। इसके बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन मजिस्ट्रेट को सौंपा गया। एक और ज्ञापन अखिल भारतीय अंबेडकर युवक संघ की तरफ से दिया गया। इसमें आरोप लगाया कि डीएम द्वारा गठित कमेटी द्वारा महानगर के तीन सौ पार्कों में से सिर्फ दो पार्कों की ही जांच की जा रही है। यह एक सोची-समझी साजिश के तहत किया जा रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच करनी है तो पूरे तीन सौ पार्कों की जानी चाहिए। बहुजन समन्वय समित के मुख्य संयोजक चंदन सिंह रैदास, अखिल भारतीय अंबेडकर युवक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष महावीर प्रसाद मौर्य, भारतीय वाल्मिक धर्म समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाला बाबू द्रविड़, विमल कुमार धीर, संजीव कुमार, भोपाल सिंह, रघुवीर सिंह, रावर्ट चौधरी, एस के सिंह,आईपी बर्धन, एमपी सिंह, चेतन पल सिंह, मुकेश कुमार समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। ये रखी गईं मांग 1. मुख्य न्यायमूर्ति बीआर गवई पर जूता फेंकने वाले वकील राकेश किशोर का स्थाई रूप से वकालत का लाइसेंस निरस्त किया जाए तथा उक्त वकील पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा जाए। 2. हरियाणा के एडीजीपी वाई पूरन कुमार के सभी दोषी वरिष्ठ अफसरों को जेल भेजा जाए तथा पीड़ित परिवार को पुख्ता सुरक्षा मुहैया कराई जाए। 3. बाबा साहब का अपमान करने वाले ग्वालियर के वकील अनिल मिश्रा का वकालत का लाइसेंस स्थाई रूप से निरस्त कर उस पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा जाए। 4. रायबरेली के हरिओम वाल्मीकि के गुनहगारों पर रासुका का लगाई जाए तथा पीड़ित परिवार को एक करोड रुपए की आर्थिक सहायता कर परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाए। 5. लेह लद्दाख के पर्यावरणविद सोनम वांगचुक को बिना शर्त रिहा किया जाए।