वंदेमातरम की अनिवार्यता पर देखिए क्या बोले मुरादाबाद के नेता
Moradabad News - केंद्र सरकार के आदेश ने वंदेमातरम की अनिवार्यता को लेकर हलचल मचा दी है। गृह मंत्रालय के नए प्रोटोकॉल के अनुसार, सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगान से पहले वंदेमातरम गाना अनिवार्य होगा। भाजपा इसे गर्व का विषय मानती है, जबकि सपा और कांग्रेस के नेता इसके खिलाफ हैं, यह कहते हुए कि इस्लाम में जबरदस्ती उचित नहीं है।

मुरादाबाद। वंदेमातरम की अनिवार्यता पर केंद्र सरकार के आदेश ने हलचल मचा दी है। गृह मंत्रालय के नए प्रोटोकॉल के मुताबिक सरकारी कार्यक्रमों में लगभग तीन मिनट 6 सेकेंड में गाया जाने वाला वंदेमातरम राष्ट्रगान यानी जनगण मन... से पहले गाना होगा। आयोजनों में राष्ट्रगान से पहले राष्ट्रगीत बजेगा। इसमें सभी छह छंद शामिल हैं। इस आदेश ने खलबली मचा दी है। भाजपा का कहना है कि वंदेमातरम तो गर्व का विषय है इस राष्ट्रगीत ने आजादी की जंग में जोश भरा था। देश का सच्चा नागरिक इसे गाने में गुरेज नहीं करेगा। वहीं सपा, कांग्रेस नेताओं और मुस्लिम समाज के लोगों ने कहा वंदेमातरम पर जोर जबर्दस्ती नहीं होनी चाहिए।
हम सच्चे देश भक्त हैं पर इस्लाम में अल्लाह के अलावा किसी की इबादत की इजाजत नहीं है। भारत गंगा-जमुनी तहजीब, प्यार-मोहब्बत और अनेकता में एकता का देश है। यहां विभिन्न धर्मों के लोग मिल-जुलकर रहते हैं, इसलिए किसी भी मुद्दे पर जबरदस्ती उचित नहीं है। वंदे मातरम में जमीन की पूजा का भाव है, जबकि इस्लाम में अल्लाह के सिवाय किसी अन्य की इबादत की अनुमति नहीं है। राष्ट्रगान तो हम खड़े होकर गाते हैं। डॉ. एसटी हसन, पूर्व सांसद सपा वंदेमातरम वह गीत है जिसने देश की आजादी में अहम भूमिका निभाई। इसी गीत ने आजादी के दीवानों में जोश भरा। तमाम युवा इस गीत को गुनगुनाते हुए भारत माता को गुलामी की जंजीरों से मुक्त करवाने निकले। जो भी इस देश का सच्चा नागरिक है वंदेमातरम जरूर गाएगा। रितेश गुप्ता, नगर विधायक भाजपा
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