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8 जुलाई, 2020|4:24|IST

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रेलवे स्टेशनों पर फूड स्टॉल पर छूट तय करने को कमेटी

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लगातार 70 दिनों तक रेल सेवा से दूर रेलवे स्टेशनों के फूड स्टॉल संचालकों को राहत मिलने की गुंजाइश है। लॉक डाउन से गहरे आर्थिक संकट में फंसे खानपान ठेकेदारों को नुकसान की एवज में रियायत देने पर मंथन हो रहा है। मुरादाबाद रेल प्रशासन ने स्टॉल पर छूट तय करने को तीन अफसरों की कमेटी गठित की गई है। कमेटी में कामर्शियल और आपरेटिंग विभाग के साथ वित्त विभाग के अफसर भी शामिल किए गए है। मुरादाबाद रेल मंडल में दो सौ फूड स्टॉल है।

ट्रेन संचालन का पहिया 22 मार्च से ही थम गया गया था। पर 25 मार्च से लॉक डाउन के बाद पूरे देश में रेल सेवा रोक दी गई। इसका असर यात्रियों पर पड़ा। रेलवे को आरक्षित टिकट वापस करने में करोड़ों रुपये चुकाने पड़े। मुरादाबाद मंडल में ही अकेले बीस करोड़ से ज्यादा का झटका रेलवे को लगा। 15 मई से रेल संचालन शुरु होने पर फंसे लोगों ने रिजर्वेशन कराए मगर सरकार से ट्रेनों को हरी झंडी नहीं मिली। सवा दो महीने से ज्यादा दिनों तक रेल सेवा बंद रहीं। इस दौरान प्लेटफार्मो पर गाड़ियों का संचालन न होने से फूड स्टॉल संचालक आर्थिक संकट में घिर गए। रेलवे ने हालांकि लॉक डाउन अवधि का शुल्क नहीं ले रहा। हालांकि एक जून से रेल संचालन शुरु हो गया है। पर सतर्कता और सुरक्षा के चलते रेलवे स्टेशन के फूड स्टॉल अभी तक शुरु नहीं हो सकें है।

मुरादाबाद मंडल में रेल प्लेटफार्मो पर दो सौ स्टॉल है। रेल प्रशासन ने खानपान ठेकेदारों को राहत देने की सोच रहा है। स्टॉल ठेकेदारों को छूट देने को नई शुल्क नीति तैयार कर रहा है। जानकारों की माने तो रेल प्रशासन ने तीन अफसरों की कमेटी बनाई गई है। नीति तय करने की जिम्मेदारी डीसीएम, डीओएम और डीएफएम को सौंपी गई है।

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  • Web Title:Committee to fix exemption on food stalls at railway stations