
बच्चों पर कोल्ड अलर्जी का हमला, लाडले को ठंड से बचाएं
Moradabad News - कड़ाके की ठंड खत्म होने के बाद मौसम में तेजी से बदलाव ने छोटे बच्चों को कोल्ड अलर्जी का शिकार बना दिया है। 5 महीने से 2 साल के कई बच्चे सर्दी, जुकाम और बुखार से प्रभावित हैं। चिकित्सकों ने अभिभावकों को सलाह दी है कि बच्चों की सेहत पर विशेष ध्यान दें और समस्या होने पर चिकित्सक से संपर्क करें।
बेतहाशा और जबरदस्त कड़ाके की ठंड का दौर थमने के बाद मौसम के जल्दी-जल्दी और बार-बार बदलने के दौर की शुरुआत हो गई है। मौसम के बदलते मिजाज ने छोटे बच्चों की सेहत पर कोल्ड अलर्जी का हमला बोल दिया है। पांच महीने से दो साल तक के कई बच्चे सर्दी, जुकाम, बुखार की चपेट में आ गए हैं। आने वाले कई दिनों में कोल्ड अलर्जी का प्रकोप इससे भी अधिक रहने का अंदेशा जाहिर करते हुए चिकित्सकों ने उनकी विशेष देखभाल करने की सलाह दी है। चिकित्सकों की बात, ज्यादा ठंड के दिनों में अभिभावकों ने अपने छोटे बच्चे की सेहत पर ज्यादा ध्यान दिया, लेकिन, अब बदलते मौसम में इससे भी ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
क्योंकि, मौसम के बार-बार बदलने से बच्चे को ठंड लगने और इसके असर से बीमार पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। डॉ.शलभ अग्रवाल, पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष, इंडियन एकैडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स बच्चा अगर छह महीने से भी ज्यादा छोटा है तो कमरे का तापमान अब भी थोड़ा गर्म रखने का प्रयास करें। तापमान बढ़ने लगा है, लेकिन, छोटे बच्चों के हिसाब से मौसम को अब भी अधिक ठंड का मानकर उसे ठंड से बचाए रखने पर फोकस करें। थोड़ी भी समस्या होने पर चिकित्सक को दिखाएं। डॉ.रनवीर सिंह, प्रमुख चिकित्साधीक्षक, मंडलीय जिला महिला अस्पताल

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