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30 मार्च, 2020|11:24|IST

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भूख से तड़प रहे थे बच्चे, 33 मिनट में घर पहुंचाया गैस सिलेंडर

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लॉक डाउन के दौरान पुलिस मसीहा के रूप में सामने आई है। जान हथेली पर रखकर वह कंट्रोल रूम पर आई काल के जरिए जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं। हिन्दुस्तान ने हेल्पलाइन का रियलिटी चेक किया तो वर्दीधारी वाकई मिसाल पेश करते नजर आए। पाकबड़ा के इस्लाम नगर में इरफान का नामक युवक के बच्चे भूख से तड़प रहे थे। गैस सिलेंडर खत्म हो गया था। पड़ोसियों ने देने से मना कर दिया। कंट्रोल रूम को फोन किया तो पीआरवी 0263 पर तैनात सिपाही वीरेंद्र सिंह, अनुज कुमार व मनोज कुमार तत्काल ने संबंधित विभाग से संपर्क करके मात्र 33 मिनट के भीतर इरफान के घर सिलेंडर पहुंचा दिया। इसी प्रकार पीएमएस के पास रहने वाले कारोबारी गुरदीप सिंह का स्टमक बैग बदलना था। दिल्ली या फिर उत्तराखंड में ही बैग मिलता है। उन्होंने कंट्रोल रूम को फोन किया। पीआरवी 243 को भी समझ नहीं आया कि पीड़ित की आखिर कैसे मदद की जाए। पीआरवी पर तैनात पुलिस कर्मियों ने एसपी सिटी अमित कुमार आनंद को फोन परजानकारी दी। एसपी सिटी ने प्रशासनिक अफसरों से वार्ता करके मात्र पंद्रह मिनट के भीतर कारोबारी का वीआईपी पास बनवा दिया। कारोबारी का कहना था कि बैग यदि समय रहते नहीं बदला जाता तो जिंदगी खतरे में भी पड़ सकती थी। वह पुलिस के इस नेक काम की तारीफ करते नजर आए।

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  • Web Title:Children were suffering from hunger gas cylinder brought home in 33 minutes