आर्थिक अपराध की जांच में सबसे बड़ी चुनौती साक्ष्य जुटाना : परिहार
संक्षेप: Moradabad News - आर्थिक अपराधों की जांच में साक्ष्य जुटाना सबसे बड़ी चुनौती है। आरबीआई के AGM जितेंद्र सिंह परिहार ने मुरादाबाद में कार्यशाला में कहा कि साइबर अपराधों की कड़ियां कई देशों तक फैली होती हैं। पुलिस...

आर्थिक अपराधों की जांच में सबसे बड़ी चुनौती साक्ष्य जुटाने की होती है, क्योंकि साइबर अपराधों की डिजिटल कड़ियां अक्सर कई देशों तक फैली होती हैं जिन्हें सावधानी और तकनीकी दक्षता से जोड़ना पड़ता है। ऐसे मामलों में जांच अधिकारियों का तकनीकी रूप से अपडेट रहना और डिजिटल साक्ष्य संकलन के आधुनिक तरीकों की समझ होना बेहद जरूरी है। यह बात भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के एजीएम जितेंद्र सिंह परिहार ने बुधवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर पुलिस अकादमी, मुरादाबाद में आयोजित विशेष कार्यशाला में कही। कार्यशाला में प्रदेशभर से आए 136 पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया। भारतीय रिजर्व बैंक के एजीएम जितेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि बढ़ते आर्थिक और साइबर अपराध के दौर में जांच अधिकारी दक्ष होना चाहिए।
आर्थिक अपराध के मामलों में मजबूत साक्ष्य जुटाना जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि मल्टी लेवल मार्केटिंग कंपनियों, मनी सर्कुलेशन स्कीमों, नेटवर्क मार्केटिंग कंपनियों पर कार्यवाही को एक्ट तो हैं पर एक्शन तभी हो सकता जब साक्ष्य हों। उन्होंने विवेचना और नकली नोट की पहचान करने के तरीके बताए। पहले घंटे में आरबीआई के प्रोविजन एक्ट की जानकारी दी गई। इसके साथ ही उन्हें हाल में जारी गाइड लाइन को समझाया। कहा ऐसे अपराध में लंबी कड़ियां जुड़ी होती है। इन कड़ियों को जोड़ने का कौशल आना जरूरी होता है। इस सेशन बाद एक्ट की जानकारी फिर समापन किया गया। कार्यशाला में डीआईजी अकादमी विकास कुमार वैद्य, एएसपी महेंद्र कुमार समेत अन्य अधिकारी शामिल रहे। कार्यशाला में पुलिस कर्मियों ने भी बैंक अधिकारियों ने पूछे सवाल पुलिस कर्मियों का कहना था कि जब वह लोग आर्थिक मामलों की जांच करते हुए बैंक तक पहुंचते हैं तो बैंक अधिकारी सहयोग नहीं करते हैं। इसके जवाब में एजीएम ने बताया कि वित्तीय अपराध के मामलों में बैंक की पूरी जिम्मेदारी करते हैं और विवेचक की मदद करें। अगर कोई बैंक अधिकारी मदद नहीं करता तो उसकी शिकायत भी कर सकते है। नकली नोटों की संख्या पर्व के मौकों पर बढ़ जाती आरबीआई की एडवाइजर निरंजना पाटिल ने कार्यशाला में मौजूद पुलिस कर्मियों को बताया कि कैसे तमाम कंपिनयां लालच देकर लोगों से रकम जमा करा लेती हैं। आरबीआई अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा समय में बाजारों में नकली नोट बहुत चलाए जा रहे है। त्योहारों के समय में इनका संख्या और बढ़ जाती है। आरबीआई अधिकारियों ने पुलिस कर्मियों को नकली नोटों की पहचान करने के तरीके भी बताए।

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