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29 फरवरी, 2020|6:51|IST

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गजब: जर्जर बिजली के खंभों को बदलने के लिए बजट ही नहीं

गजब: जर्जर बिजली के खंभों को बदलने के लिए बजट ही नहीं

जर्जर पोल बिजली विभाग के लिए मुसीबत बन गए हैं । हाल यह है कि शहर के तीन डिवीजन में पांच सौ से अधिक पोल कभी भी गिर सकते हैं। इनको बदलने के लिए विभाग आलाअफसरों का कई पत्र भेज चुके है लेकिन हर बार इस मद में कोई बजट न होने का हवाला देकर बात को दबा दिया जाता है। दूसरी ओर जर्जर पोलों से आने-जाने वालों पर हमेशा खतरा मंडराता रहता है। हालांकि विभाग इन्हें रिपेयर कराने की विभाग कर तो रहा है पर काम कब शुरू होगा यह कोई नहीं जानता।

बिजली विभाग बेहतरी की बात तो करता है पर जर्जर पोलों पर आंख मूंदे हुए है। ज्यादा कहने पर पोल पर लोहे के एंगिल लगाकर जुगाड़ कर देते हैं। अकेले डिवीजन वन के लाइनपार इलाके में सौ से अधिक पोल ऐसे है जो जर्जर हालत में है या गल चुके हैं। इसके अलावा शंकरनगर, हनुमाननगर संग कांठ रोड की कालोनी अवंतिका, रामगंगा विहार में कई पोल जर्जर है जिनको बदलना है लेकिन गले पोल को लोहे के एंगिल से बेल्ड कराकर काम पूरा कराए जा रहे हैं । एक्सईएन ललित चौहान ने बताया कि जर्जर पोल बदलने की सर्वाधिक शिकायतें आती है। पोल बदलने को विभाग से कोई बजट नहीं मिलता, स्थानीय स्तर पर रिपेयर करवा दिए जाते हैं । ऐसा नहीं कि जर्जर पोल को बदला नहीं जाता कांशीराम नगर में ऐसी शिकायतें सबसे अधिक थी जिनको दूर भी कराया जा रहा है।

फोटो से तय होगा जर्जर पोल बदलेगा या नहीं

मुरादाबाद। जर्जर पोल की लगातार आ रही शिकायत पर अब विभाग ने तय किया है कि पहले जर्जर पोल के फोटो कराए जाएंगे इसके बाद फोटो से सुनिश्चित किया जाएगा कि कहां के पोल को पहले बदलना या रिपेयर कराना जरूरी है उसी के हिसाब से पोल बदलने और रिपेयर होंगे ।

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  • Web Title:Amazing no budget to replace dilapidated electric poles