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योग साधना द्वारा ही स्वयं को जान सकता है मनुष्य

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नगर के रेलवे स्टेशन रोड स्थित प्रेम शांति सदन में अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वाधान में योग साधना द्वारा मनुष्य स्वयं को जान सकता है विषय पर गोष्ठी का आयोजन हुआ। समाज में व्याप्त कुरीतियां, अंधविश्वास और रूढ़िवादी पर विस्तार से चर्चा की गई। रविवार को आयोजित गोष्ठी से पूर्व अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के संस्थापक युग ऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य, आदि शक्ति मां गायत्री शक्ति स्वरूपा माता भगवती देवी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्जवलित किया। गायत्री महामंत्र की सामूहिक जप साधना की। गोष्ठी में गायत्री परिवार के वरिष्ठ कार्यकर्ता आचार्य विजयपाल सिंह राघव ने कहा कि योग साधना से मनुष्य अपने को पहचान सकता है। योग साधना के तत्व दर्शन को जानकर ही मनुष्य स्वयं को पा सकता है। इसी से खोई हुई शांति मिल सकती है। योग साधना का नियमित अभ्यास मनुष्य को स्वास्थ्य, सौंदर्य प्रतिभा, विद्या, हंसी-खुशी के ढेरों वरदान दे सकता है। योग साधना से ही मनुष्य को सही ढंग से जाना जा सकता है। भूपेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि आज समाज में अनेक अंधविश्वास, सामाजिक कुरीतियां व रूढ़ियां युवाओं के मस्तिष्क में घर कर चुकी हैं। जिसे योग साधना और गायत्री महामंत्र के मौन जाप से दूर किया जा सकता है। इस अवसर पर लाल बहादुर शास्त्री, आदित्य राघव, मुनेश पाल सिंह, मुकेश पाल सिंह, सूर्य प्रताप, शक्ति सिंह, महावीर सिंह, मनोहर सिंह, डॉक्टर रणवीर सिंह, दलपत सिंह, राजबाला देवी, रुचि राघव, साधना सिंह, आराधना कुमारी, निधि कुमारी, रितु राघव, नीरज गुप्ता, विद्या देवी, विजय गुप्ता, सावित्री पांडे आदि सहित अनेक ने भाग लिया।फोटो सहित

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  • Web Title: A person can know himself through yoga practice