यूपी में बस खत्म होने को है मानसून का इंतजार, झमाझम बारिश को रहें तैयार; लखनऊ में यलो अलर्ट
Monsoon 2026 : भीषण गर्मी से परेशान यूपीवालों के लिए राहत की खबर है। प्रदेश में मानसून की एंट्री बस होने ही वाली है। 24 से 48 घंटों में झमाझम बारिश से इसकी शुरुआत होगी। मंगलवार को लखनऊ के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। मानसून की फुहारें भिगोने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

Monsoon in UP: उत्तर प्रदेश वालों चिलचिलाती धूप और गर्मी से राहत बस मिलने ही वाली है। दो दिन से हो रही छिटपुट बारिश संकेत है कि मानसूनी झमाझम की राहत अब दूर नहीं। मौसम विभाग ने भी पुष्टि कर दी है कि मानूसन 24 से 48 घंटों में कभी भी एंट्री ले सकता है। सोमवार को लखनऊ में हल्की बारिश हुई लेकिन बहराइच के कर्तनियाघाट में 104.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने मंगलवार को लखनऊ में तेज हवा के साथ बारिश का यलो अलर्ट भी जारी किया है।
अमौसी स्थित यूपी-उत्तराखंड के आंचलिक मौसम विज्ञान मुख्यालय के अनुसार समूचे प्रदेश को अगले 24 से 48 घंटों के भीतर मानसून की फुहारें भिगोने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रवेश करने और इसके तेजी से आगे बढ़ने के लिए वायुमंडलीय परिस्थितियां अत्यंत अनुकूल हो चुकी हैं। मानसून आगमन से पूर्व ही उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसमी सक्रियता यानी प्री मानसून गतिविधियां काफी बढ़ गई है, जिसके चलते बादलों की आवाजाही और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट का दौर शुरू हो गया है।
मौसम मुख्यालय के अनुसार मानसून के उत्तर प्रदेश में अग्रसरण की प्रबल संभावनाओं के बीच प्रादेशिक वर्षा में उत्तरोत्तर (लगातार) वृद्धि देखी जाएगी। अगले तीन से चार दिनों के भीतर पूरे प्रदेश के तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस की भारी और उल्लेखनीय गिरावट आने का अनुमान है।
तीन वेदर सिस्टम एक साथ एक्टिव
मौसम विभाग के के अनुसार वर्तमान में मानसून की उत्तरी शाखा गुजरात के सूरत, मध्य प्रदेश के इंदौर व मांडला से आगे बढ़ रही है। पूर्वी शाखा झारखंड के डाल्टनगंज और बिहार के मोतिहारी से होते हुए आगे बढ़ रही है। इस समय प्रदेश के ऊपर एक साथ तीन मजबूत वेदर सिस्टम काम कर रहे हैं, जो मानसून को तेजी से खींच रहे हैं। पहला मध्य समुद्र तल पर बनी एक मौसमी द्रोणी (मानसून ट्रफ) पंजाब से हरियाणा और उत्तर प्रदेश होते हुए सीधे बिहार तक जा रही है। दूसरा निम्न क्षोभमंडल में एक पूर्वी-पश्चिमी द्रोणी पूर्वी उत्तर प्रदेश से बिहार, उप-हिमालयीय पश्चिम बंगाल, सिक्किम और असम होते हुए मणिपुर तक फैली है। इसके अलावा निम्न क्षोभमंडल में ही उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक मजबूत चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है जो बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं को भारी बारिश में तब्दील कर रहा है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश के देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, बलरामपुर और आसपास के क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना सबसे अधिक है। इन जिलों में स्थानीय प्रशासन को भी अलर्ट रहने को कहा गया है। लखनऊ, कानपुर समेत 40 जिलों में यलो अलर्ट है।
मानसून की आमद से पहले शुरू हुई झमाझम बारिश
वहीं पूर्वी यूपी में मानसून के इस्तकबाल में सोमवार को बादलों ने आसमान को घेर लिया। घने काले बादलों ने गरज चमक के साथ बारिश की। सुबह 8:30 तक करीब 15.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इससे पहले रविवार को 5.8 मिलीमीटर बारिश हुई थी। बताया जा रहा है कि दक्षिणी पश्चिमी मानसून पश्चिम बिहार होते हुए पूर्वी यूपी के जरिए प्रदेश में प्रवेश करेगा। उत्तर प्रदेश की सीमा के नजदीक आने के साथ ही मानसून की गति थोड़ी धीमी हुई है। पिछले दो दिनों से मानसूनी हवाएं बिहार के तरफ सीमावर्ती जिलों में अटकी हुई है। आज मानसूनी हवाएं उत्तर प्रदेश की तरफ आगे बढ़ सकती हैं।
मानसून की आमद से पहले प्री मानसून गतिविधियां बढ़ गई है। सोमवार को सुबह 6:00 बजे आसमान में गहरे काले बादल छा गए। रिमझिम फुहारें बरसने लगी। सुबह 7:00 बजे बादल गरजने लगे । मौसम विभाग के मुताबिक सुबह 7:05 से लेकर 7:40 तक बादल जमकर गरजे । इस दौरान 36 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पछुआ चली है। लगातार दूसरे दिन न्यूनतम तापमान में गिरावट हुई। सोमवार को न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री सेल्सियस रहा।


