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अकबई में घूंघट की ओट से महिलाएं लाती हैं पानी

अकबई में घूंघट की ओट से महिलाएं लाती हैं पानी

कबरई विकास खण्ड का अकबई गांव बरसात के मौसम में भी पेयजल के लिए कराह रहा है।

लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए दूर दराज का सहारा लेना मजबूरी बना है। महिलाएं गांव के बाहर लगे हैंडपम्प से साइकिल और सिर पर पानी लाकर परिवार की प्यास बुझाती हैं।

अकबई गांव की आबादी करीब पांच हजार के आस- पास है। पेयजल के लिए पानी की टंकी का निर्माण कराया गया था लेकिन वह भी शोपीस बनी है। गांव के अन्दर लगे हैंडपम्प खारा पानी उगल रहे है जो पीने योग्य नहीं है। गांव के लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए इधर- उधर से पानी की जुगाड़ करनी पड़ती है। गांव के ओमकार शिवहरे, संतोष वर्मा, बरदानी, रज्जन , गजराज आदि ने रविवार को हिन्दुस्तान को बताया कि परिवार के लिए महिलाएं घूंघट की ओट में एक किलो मीटर दूर से साइकिल और सिर पर घड़े रखकर पानी लाती है तब जाकर उनकी प्यास बुझती है। उन्होने बताया कि गांव में गन्दगी का अम्बार भी लगा है। कई बार अफसरों को पत्र लिखकर सारी समस्याओं से अवगत कराया गया लेकिन नतीजा सिफर ही है। मुख्य विकास अधिकारी हीरा सिंह का कहना है कि अकबई गांव की समस्याएं उन्हे मिली हैं शीघ्र ही इनका समाधान कराया जाएगा।

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  • Web Title:Women bring water from the veil of a veil in Akbai