
वीर भूमि में आवारा कुत्तों से रहे सावधान लोगों को बना रहे शिकार
Mohoba News - नगर पालिका के पास नहीं कोई इंतजाम लोगों के लिए खतरा का पर्याय बन रहे आवारा कुत्ता
महोबा, संवाददाता। आवारा कुत्तों को लेकर सर्वोच्य न्यायालय के सख्त होने के बाद भी वीर भूमि में आवारा कुत्तों को आतंक बढ़ता जा रहा है। नगर पालिका के पास खतरा का पर्याय बन रहे आवारा कुत्तों की समस्या के निजात के कोई संसाधन नहीं है। शेल्टर होम की व्यवस्था न होने के कारण शहर भर में कुत्तों की फौज घूम रही है। नगर पालिका, अस्पताल सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों में दिन भर इन कुत्तों की धमाचौकड़ी बनी रहती है। नगर में आवारा कुत्तों का कहर दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। पिछले दिनों सात नवंबर को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आवारा कुत्तों की समस्या के निजात की उम्मीद बढ़ी थी मगर पालिका के द्वारा एक दो दिन कुत्तों को खदेड़ने के बाद अभियान को बंद कर दिया गया जिससे कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है।
खास बात यह है कि नगर पालिका के आस पास ही दिन भर कुत्तों की धमाचौकड़ी रहती है। आए दिन आवारा कुत्ता दुर्घटनाओं का कारण बन रहे है। कई बार कालोनियों में पालतू कुत्तों से भी लोगों में विवाद होते है। जिला अस्पताल में रेबीज इंजेक्शन लगवाने वालों की बढ़ती संख्या से कुत्तों के आतंक का अनुमान लगाया जा सकता है। एक दिन में पांच से सात लोग आवारा कुत्तों के काटने के बाद जिला अस्पताल में इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंच रहे है। सात नवंबर के बाद अब तक जिला अस्पताल में 149 लोग कुत्ता काटने के बाद इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंच चुके है। आवारा कुत्तों के रेस्क्यू सेंटर और नसबंदी की कोई व्यवस्था नहीं है। महिलाओं से लेकर बच्चे और बुजुर्गो पर कुत्ता हमला बोल रहे है। इस दिनों गली-गली में छोटे-छोटे पिल्लों के साथ कुत्ता लोगों पर हमला बोल रहे है।सर्दी के मौसम में कुत्ता सर्दी के कारण हमलावर हो जाते है। नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी अवधेश कुमार का कहना है कि नगर में आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। वन विभाग की मदद पर शिकायत मिलने पर रेस्क्यू किया जाता है।नगर में शेल्टर होम नहीं है।

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