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संशोधित खबर

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संक्षेप:

Mohoba News - लापरवाही की भेंट चढ़ रहे नगर के रैन बसेरा अलाव हो रहे खामोश,लोग ठिठुर रहे

Jan 06, 2026 10:04 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, महोबा
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महोबा, संवाददाता। कड़ाके की सर्दी के बीच नगर पालिका के रैन बसेरा छाप नहीं छोड़ पा रहे है। जबकि अलाव में पर्याप्त मात्रा में लकड़ी न पहुंचनें से अलाव भी शांत हो जाते है। जिससे लोगों को कड़ाके की सर्दी में कांंपने को मजबूर होना पड़ रहा है। आपके अपनेअखबार हिन्दुस्तान ने रैन बसेरों की पड़ताल की तो लापरवाहियां उजागर हो गई। इन दिनों कड़ाके की सर्दी ने लोगों को परेशान कर दिया है। कहने को तो नगर पालिका के द्वारा प्राइवेट बस स्टैंड, आल्हा चौक, रोडवेज बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन में रैन बसेरों की शुरुआत कराई है मगर यह रैन बसेरा छाप नहीं छोड़ पा रहे है।

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मंगलवार को आल्हा चौक स्थित रैन बसेरा में सन्नाटा मिला। यहां बिखरे कपड़ा अब तक सफाई न होने की गवाही दे रहे थे। रूम हीटर सहित अन्य संसाधनों की देखभाल करने के लिए कोई नहीं था। पार्क में अलाव में लकड़ी न पहुंचनें के कारण ग्रामीण क्षेत्र सेआने वाले श्रमिक औरअन्य ग्रामीण गर्म राख से सर्दी से बचाव करने की जद्जोहद करते नजर आए। लोगों ने बताया कि दो से तीन दिन में एक बार लकड़ी आती है। कई बार पालिका की लकड़ी शरारती तत्व ले जाते है। देखरेख के अभाव में रैन बसेरा संचालन में लापरवाही बरती जा रही है। बस स्टैंड के रैन बसेरा में भी गंदगी मिली। यहां सर्दी से बचाव को लेकर अलाव खामोश मिला। जिला अस्पताल और महिला अस्पताल के रैन बसेरा भी छाप नहीं छोड़ पा रहे है। शेल्टर होम से मुसाफिरों का मोह भंग महोबा। नगर पालिका के द्वारा राठ चुंगी के पास शेल्टर होम बनवाया है। 50 व्यक्तियों के ठहरनें की शेल्टर होम में व्यवस्था की गई है मगर एकांत में यह शेल्टर होम होने के कारण यहां अव्यवस्थाओं को बोलबाला है। यहां गंदगी होने केे कारण अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। पालिका के कर्मचारी भी देखरेख के नाम पर औपचारिकताएं निभाने का काम कर रहे है। मुसाफिरों के न आने पर यहां डेरा जमाएं पीएसी कर्मी ही यहां आते है। शेल्टर होम में गद्दा गायब हो गए है। खाली बिस्तर धूल फांक रहे है। नालियां बुरी तरह से चोक हो गई है। देखने से लग रहा है कि पिछले कई दिनों से यहां कोई मुसाफिर ठहरनें के लिए नहीं पहुंचा। एकांत में शेल्टर होम होने के कारण रात्रि में यहां ठहरनें से लोग डरते है। कुल मिलाकर शेल्टर होम कागजों में चल रहा है। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका पर लापरवाही के आरोप लगाए है। लोगों का कहना है कि पालिका के द्वारा जनता की सुविधाओं से जुड़े मामले में लापरवाही बरती जा रही। महिला और पुरुषों के लिए शेल्टर होम में व्यवस्था है मगर लापरवाही से इसका उपयोग लोगों को नहीं मिल पा रहा है। अधिकाशी अधिकारी नगर पालिका अवधेश कुमार बेहतर व्यवस्थाओं का दावा कर रहे है।