
मनरेगा में मृत महिला ने की मजदूरी, पाया मजदूरी का भुगतान
Mohoba News - ग्रामीणों को रोजगार देने के लिए चलाए जा रहे मनरेगा में फर्जीवाड़ा सामने आया है। एक महिला, गुलाब रानी, की 14 जून 2025 को मौत हो गई, लेकिन उसके नाम से 8 से 22 जून तक काम का भुगतान किया गया। मामला...
पनवाड़ी, संवाददाता। ग्रामीणों को रोजगार मुहैया कराने के लिए संचालित मनरेगा में फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। महिला की मौत के बाद भी मनरेगा में मजदूरी कर भुगतान देने का मामला अधिकारियों तक पहुंचा तो फर्जीवाड़ा से पर्दा उठ गया। पूरे मामले में ग्राम विकास अधिकारी से लेकर तकनीकी सहायक से लेकर अन्य कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे है। मनरेगा में फर्जीवाड़ा के मामला आए दिन सुर्खियों में रहते है। विकास खंड की गा्रम पंचायत नगाराघाट में एक चौकाने वाला मामला उजागर हुआ है। मनरेगा में श्रमिक भले ही रोजगार के लिए ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम प्रधान के चक्कर काटने को मजबूर हो मगर पंचायत ने मृत महिला को मजदूरी करने का मौका दिया और मजदूरी का भुगतान भी कर दिया।

गांव निवासी गुलाब रानी पत्नी का निधन 14 जून 2025 को हो गया। मगर विभागीय अभिलेखों की बात करें तो गुलाबरानी को 8 जून से 22 जून तक मनरेगा में काम दिया गया जिसका 15 दिन का भुगतान भी मसूदपुरा स्थित इंडियन बैंक के खाता में 3780 रुपये भेजा गया। इसके पहले भी महिला के नाम मजदूरी का भुगतान किया गया है। बताया जा रहा है कि पंचायत के द्वारा मनरेगा के भुगतान के नाम पर मनमानी की जा रही है। कई ऐसे लोगों के नाम भी भुगतान के आरोप है जो महानगर में रहकर मजदूरी कर रहे है। जबकि कुछ किसान और व्यापारी भी बिना मजदूरी के भुगतान पाने में सफल हो रहे है। पूरे मामले की शिकायत कर जांच कराने की मांग उठाई गई है। ग्राम विकास अधिकारी अभिषेक चौरसिया से मामले की जानकारी करने के लिए फोन किया गया मगर उनका मोबाइल रिसीव नहीं हुआ। मुख्य विकास अधिकारी बलराम कुमार का कहना है कि पूरे मामले की जानकारी कराने के बाद जांच करा कार्रवाई की जाएगी। अगर महिला की मौत के बाद मजदूरी का भुगतान किया गया तो गलत है।

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