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सत्संग में शामिल होने से मन निर्मल होता है

सत्संग में शामिल होने से मन निर्मल होता है

संत कबीर अमृतवाणी सत्संग समिति के तत्वाधान में रविवार को सत्संग का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसकी शुरूआत कबीर वन्दना से हुई कार्यक्रम में भजन गायकों ने अपनी प्रस्तुतियोंे से सभी को भाव विभोर कर दिया। वक्ताओं ने कहा कि सत्संग से मन निर्मल होता है।

सत्संग में ज्योति कुमारी ने भजन वाणी सद्गुरू की अमृत बरसाए तो कवि विदेश विद्यासन ने भक्ति रचना - नइयां सानी कोउ सद्गुरू कबीर की सुनाई। बुन्देली कवि हरदयाल हरि अनुरागी और हरी शंकर नायक ने कहा कि सत्संग से सद्गुरू की प्राप्ति होती है। सच्चा सुख भजन कीर्तन सत्संग और मानव सेवा से ही मिलता हेै। वीर भूमि राजकीय महाविद्यालय के प्रवक्ता डां0 एल सी अनुरागी ने कहा कि सद्गुरू की प्राप्ति के लिए विश्वासपूर्वक भक्ति करना चाहिए। भक्ति करने से मन पवित्र होता है। कार्यक्रम में आशाराम तिवारी ,राकेश पुरवार, किशोर दादा , रामगोपाल अनुरागी , ज्योति कुमारी ,हरिश्चन्द्र वर्मा आदि रहे। फ

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  • Web Title:Joining satsang makes the mind pure