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बुंदेलखण्ड राज्य निर्माण की मांग चरखारी से भी उठी

बुंदेलखण्ड राज्य निर्माण की मांग चरखारी से भी उठी

बुंदेलखण्ड अलग राज्य निर्माण की मांग को लेकर बुधवार को एक दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया गया। जिसमें प्रधानमंत्री को सम्बोधित एक ज्ञापन एसडीएम अरुण कुमार श्रीवास्तव को सौंपा है। कहा कि बुंदेलखण्ड राज्य बनने पर ही बुंदेलों का विकास संभव है।

तहसील प्रांगण में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद सिंह चौहान के नेतृत्व में पूर्व डीएसपी रविन्द्र पाठक की अध्यक्षता में बुधवार को सांकेतिक धरना देते हुए बुदेलखण्ड राज्य निर्माण की मांग उठाई। पूर्व चेयरमैन ने कहा कि महोबा प्रदेश के सर्वाधिक पिछडे़ जनपद में आता है। वही चरखारी तहसील अति पिछड़ी तहसीलों में गिनी जाती है। जब की रियासत के समय चरखारी स्टेट सबसे संपन्न रियासत रही। हाईकोर्ट की भी सुविधा इस रियासत को रही है। स्टेट में राजाओं द्वारा बनवाए गए ऐतिहासिक तालाब, मंदिर, अस्पताल, इंटर कॉलेज यहां तक की लाइट की व्यवस्था भी रही है फिर भी चरखारी पिछड़ा हुआ है। मध्य प्रदेश सरकार से रिटायर डीएसपी ने कहा कि अलग राज्य बनने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। बुंदेलखंड के यूपी-एमपी राज्यों के जिले बांदा, चित्रकूट, दमोह, महोबा, हमीरपुर, जालौन, झांसी, ललितपुर, छतरपुर, पन्ना, सतना, दतिया, सागर आदि जनपदों का विकास संभव नहीं है। जबकि महोबा जिले से ही खनिज को सबसे ज्यादा राजस्व राज्य सरकार को मिलता है। हमारे बुंदेलखण्ड के युवाओं को सरकारी नौकरी में सबसे ज्यादा उपेक्षा होती है। इस मौके पर रमन किशोर गोस्वामी, रामहेत सिंह, मंगल सिंह, राधिका प्रसाद सोनी, श्याम बिहारी त्रिपाठी, अकील अहमद, बालमुकुंद, सुरेन्द्र यादव आदि रहे।

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  • Web Title: Demand for Bundelkhand state building also arose from Charkhari