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1 जनवरी, 2021|11:26|IST

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प्राचीन विरासतों के संरक्षण से चमकेगी चरखारी की तस्वीर

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महोबा। हिन्दुस्तान संवाद

बुंदेलखंड की सबसे समृद्ध रियासतों में शुमार चरखारी में प्राचीन विरासतों को खोया वैभव दिलाने के प्रयास तेज हो गए हैं। ड्यूढ़ी महल को पर्यटकों के लिए तैयार कराया जा रहा है। पुरानी विरासतों के संरक्षण से यहां विदेशी पर्यटक पहुंचेगे जिससे रोजगार को बढ़ावा मिलने के साथ नगर के गौरवशाली इतिहास का गूंज देश के कोने-कोने तक गूजेंगी।

चरखारी रियासत बुंदेलखंड की सबसे समृद्ध रियासत में शुमार रही है। यहां के बुंदेला शासकों में कई शासक प्रतापशाली रहे है जिनके द्वारा यहां भव्य इमारतों का निर्माण कराया गया।यहप्राचीन विरासतें यहां के गैरवशाली इतिहास की गवाह देती है। बुंदेला शासकों के द्वारा यह जल संरक्षण के लिए इंटर कनेक्ट्रेट तलाबों का निर्माण कराया गया जो जल संरक्षण के लिए किसी मिशाल से कम नहीं है। कृष्ण उपासक शासकों के द्वारा वृदावन की तर्ज में यहां भगवान राधा कृष्ण के मंदिरों का निर्माण कराया गया जो आज भी अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध है। इतिहासकार पंडित खेमराज पाठक का कहना है कि पहले चरखारी रियासत बेलाताल रियासत में शामिल थी। मगर बुंदेलखंड केसरी छत्रसाल बुंदेला के पौत्र खुमान सिंह ने चरखारी रियासत को स्टेट बनाया सन् 1761 में मंगलगढ़ किला समेत यहां कई भव्य इमारतों का निर्माण कार्य कराया गया बाद में मंगल सिंह ने चरखारी स्टेट का विस्तार कराया और गोवर्धन मेला की शुरूआत कराई। बुंदेला शासकों के द्वारा ड्यूढृी महल का निर्माण कार्य कराया गया। जो अपनी भव्यता के लिए पूरे बुंदेलखंड में प्रसिद्ध है। इन दिनों ड्यूढ़ी महल को भव्य रूप देने का काम किया जा रहा है। पूर्व सांसद गंगा चरण के द्वारा पर्यटन की संभावनों को देखते हुए ड्यूढ़ी महल का निर्माण कराया जा रहा है। और हेरीटेज होटल के रूप में तैयार कराया जा रहा है। पर्यटन विभाग के द्वारा भी नगर के प्राचीन विरासतों के संरक्षण के लिए कार्य किए जा रहे है। जिससे आने वाले दिनों में चरखारी को पर्यटन क्षेत्र से जोड़ा जाएगा।

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  • Web Title:Charkhari 39 s picture will shine through preservation of ancient heritage