Mohoba News: रक्षा सूत्र बांधकर भाईयों की खुशहाली की प्रार्थना
Mohoba News: उत्साह के साथ मनाया गया रक्षा बंधन का पर्व वीर भूमि में भाईयों की कलाई रही सूनी

Mohoba News: महोबा, संवाददाता। भाई बहन के पवित्र रिश्तों के पर्व रक्षाबंधन पर बहनों ने भाई का तिलक कर रक्षा सूत्र बांधा तो भाईयों ने बहनों की रक्षा का वचन दिया। भाई बहन के पर्व को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिला। बहनें भाई के घर पहुंची तो कुछ भाई बहन के घर राखी बंधवाने के लिए पहुंचे। शुक्रवार को रक्षाबंधन पर्व को लेकर सुबह से ही तैयारियां शुरू हो गई। महिलाओं ने पर्व को लेकर लजीज पकवान पकाएं। ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह के साथ पर्व मनाया गया। छोटे बच्चों ने फैंसी ड्रेस पहनीं। लोगों ने बहनों को मोबाइल, वस्त्र सहित अन्य उपहार दिए। पर्व में रोडवेज बसों में महिलाओं के लिए फ्री यात्रा की व्यवस्था रही जिससे बसों में भीड़ देखने को मिली। लोगों ने खास मुहूर्त में रक्षा सूत्र बंधवाने के लिए ब्राह्मणों से जानकारी हासिल करने के बाद नियत समय पर राखी बंधवानें का काम किया।
वीर भूमि में भाईयों की कलाई रही सूनी
महोबा। वीर भूमि में रक्षा बंधन का पर्व एक दिन बाद मनाने की परंपरा आज की कायम है। सन 1182 में दिल्ली नरेश पृथ्वी राज चौहान ने महोबा पर हमला बोल दिया था। रक्षा बंधन के दिन युद्ध होने से सैनिकों के युद्ध में जाने के कारण उनकी बहनें दिन भर भाईयों का इंतजार करती रहीं बाद में जीत दर्ज करने के बाद एक दिन बाद बहनों ने रक्षा सूत्र बांधकर विजय उत्सव मनाया तब से यह परंपरा चली आ रही है। वीर भूमि में शनिवार को रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा।
गोरखगिरि में पेड़ों को बांधे रक्षासूत्र, बचाने का लिया संकल्प
महोबा। अनोखे अंदाज में रक्षाबंधन मनाते हुए पर्यावरण प्रेमियों ने गोरखगिरि पर्वत पर पेड़ों को रक्षासूत्र बांधे और वृक्षों को बचाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि बहनें अपने भाइयों को राखी बांधती हैं और हम पेड़-पौधों को रक्षासूत्र बांधते हैं। हम उनको अपना भाई बहन मानते हैं क्योंकि वे हमारी रक्षा करते हैं।
बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर बुंदेलखंडी ने बताया कि आज हमने गोरखगिरि पर्वत के ऊपर आंवला, पलाश और नीम जैसे पांच बड़े पेड़ों पर रक्षासूत्र बांधे। आज जिस तरह से चारों तरफ बड़े-बड़े वृक्ष काटे जा रहे हैं, उससे पर्यावरण का संतुलन बिगड़ रहा है और प्राकृतिक आपदाएं लगातार बढ़ रही है। इसका हमको भारी खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। हमें पौधे लगाने के साथ-साथ बड़े पेड़ों को बचाने की मुहिम भी शुरू करना होगी। वे हमें शुद्ध हवा देते हैं और प्रदूषण कम करते हैं। इसके अलावा पेड़ों के और भी बहुत उपयोग हैं। मत्स्य पुराण के अनुसार एक वृक्ष दस पुत्र के समान होता है।
इस मौके पर दिलीप जैन, अवधेश गुप्ता, नीरज, अन्नू पुरवार, प्रेम, प्रवीण चौरसिया, गया प्रसाद, सद्धि गोपाल सेन, अंकित पासी, महेन्द्र, मुकेश, विकास,अनिरुद्ध सोनी, राजीव तिवारी समेत तमाम लोग मौजूद रहे।


