मंत्री रामदास आठवले का आकाश आनंद को न्योता, कहा- बसपा से अपना हक वापस लेना है
बहुजन समाज पार्टी के वोटरों पर मोदी के मंत्री और आरपीआई के अध्यक्ष रामदास आठवले की नजरें भी टिक गई हैं। उन्होंने मुरादाबाद में कहा कि बसपा से अपना हक वापस लेना है। आकाश आनंद को भी अपने साथ आने का न्योता दिया।

मायावती की बहुजन समाज पार्टी में मची उथल-पुथल के बीच उसके वोट बैंक पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। खासकर दलितों के बीच काम करने वाले दलों ने एक तरफ आकाश आनंद को अपने साथ आने का न्योता देना शुरू कर दिया है तो दूसरी तरफ अभी तक बसपा के साथ दिख रहे दलित वोटरों को लुभाने में जुट गए हैं। मुरादाबाद पहुंचे मोदी सरकार में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के प्रमुख डॉ.रामदास आठवले ने ऐसी ही कोशिश की है। कार्यकर्ताओं से कहा कि हमें यूपी में बसपा से अपना हक लेना है। सत्तर के दशक में आरपीआई का जो निशान था, अब वह बसपा के पास है। उन्होंने आह्वान किया कि जिले से गांव और बूथ तक संगठन खड़ा करें।
रविवार को यहां आयोजित संविधान सम्मान महारैली को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने संविधान की रक्षा, सामाजिक समरसता और पार्टी के संगठनात्मक विस्तार का ऐलान किया। आठवले ने कहा कि देश में अनेक सरकारें आईं और गईं, लेकिन जनता के आशीर्वाद से उनका रुतबा और पद हमेशा बरकरार रहा।
आकाश आनंद को आरपीआई में किया आमंत्रित
रैली के बाद मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में रामदास आठवले ने बसपा से निकाले गए मायावती के भतीजे आकाश आनंद को आरपीआई में आने का न्योता भी दे दिया। कहा कि आकाश आनंद अगर बाबा साहेब के मिशन को आगे बढ़ाना चाहते हैं तो आरपीआई में आकर काम करना चाहिए। उनके आने से यूपी में आरपीआई को मजबूती मिलेगी।
मायावती ने पिछले हफ्ते आकाश आनंद को पहले सभी पदों से हटाया था। इसके बाद पार्टी से ही निष्कासित कर दिया था। इस बार भी पद से हटाते समय उन्होंने आकाश आनंद को राजनीति के लिए अभी परिपक्व नहीं होने की बात कही थी। एक दिन बाद उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ को निशाने पर लिया और उनके संन्यास लेने पर आकाश आनंद के पदों पर वापसी पर विचार की बात कही थी। मायावती की पोस्ट सामने आने पर अशोक सिद्धार्थ ने संन्यास की घोषणा भी कर दी लेकिन इसे देरी से ऐलान बताते हुए आकाश आनंद को पार्टी से ही बाहर कर दिया था।
विधानसभा चुनाव के मुहाने पर खड़े यूपी में बसपा के अंदर मचे इस घमासान से उसके समर्थक मायूस और हैरान हैं। कहा जा रहा है कि आकाश आनंद को लेकर लोगों के बीच सहानुभूति है। समर्थक चाहते हैं कि मायावती एक बार फिर आकाश आनंद को पार्टी में वापस लें और उन्हें आगे के लिए जिम्मेदारियां दें।


