यूपी पुलिस भर्ती: परीक्षा के पहले दिन मोबाइल के साथ पकड़े गए दो युवक, दो दरोगा समेत 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड
यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा के पहले दिन हापुड़ और गोरखपुर से दो युवक मोबाइल के साथ पकड़े गए। दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके हापुड़ के छह पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया।

UP Police Recruitment: यूपी पुलिस भर्ती के पहले दिन बड़ी कार्रवाई हुई। 32,679 पदों पर हो रही सिपाही के लिए लिखित परीक्षा के पहले दिन हापुड़ व गोरखपुर में दो अभ्यर्थी मोबाइल फोन के साथ पकड़े गए। दोनों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की गई है। सभी जिलों में सोमवार को कड़े सुरक्षा घेरे में 1183 केंद्रों पर परीक्षा सकुशल व शांतिपूर्ण संपन्न हुई। पहले दिन दोनों पालियों में 75.15% अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी और लगभग 25% ने परीक्षा छोड़ी। हापुड़ में लापरवाही पर दो दारोगा समेत छह पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया है।
परीक्षा के दौरान पेपर लीक होने का झांसा देकर ठगी का प्रयास किए जाने के दो मामलों में आजमगढ़ व लखनऊ में मुकदमे दर्ज कर आरोपितों की तलाश की जा रही है। परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों को लेकर अब तक कुल पांच एफआईआर दर्ज हुई है। मंगलवार व बुधवार को भी 1183 केंद्रों पर सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा होगी। पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड के अनुसार सोमवार को दोनों पालियों की लिखित परीक्षा में कुल 9,62,832 अभ्यर्थियों को शामिल होना था, जिनमें 7,23,540 ने परीक्षा दी। परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर कड़ी नजर रखी गई। परीक्षा केंद्रों में सघन चेकिंग व बायोमेट्रिक जांच के बाद अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया।
मोबाइल लेकर टॉयलेट गया था अभ्यर्थी
हापुड़ के सर्वोदय इंटर कालेज, पिलखुआ में अमरोहा निवासी अभ्यर्थी सचिन को मोबाइल फोन के साथ पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक सचिन परीक्षा कक्ष से शौचालय गया था और वापस आने में उसे काफी समय लगा। संदेह होने पर उसकी चेकिंग की गई तो शौचालय में मोबाइल फोन का प्रयोग करते हुए पकड़ा गया। आरोपी अभ्यर्थी को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध पिलखुआ थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। स्थानीय पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। गोरखपुर में नीना थापा इंटर कालेज में परीक्षार्थी नालंदा, बिहार निवासी राम प्रकाश कुमार को भी मोबाइल फोन के साथ पकड़ा गया। उसके विरुद्ध गोरखपुर के एम्स थाने में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
इंस्टाग्राम की इन आईडी से हुआ गड़बड़ी का प्रयास
पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार इंस्टाग्राम की आईडी up_police_leak के विरुद्ध लखनऊ के थाना हुसैनगंज में मुकदमा दर्ज कराया गया है। सिपाही भर्ती का पेपर लीक होने का दावा कर अभ्यर्थियों से ठगी का प्रयास किया जा रहा था। इसके अलावा आजमगढ़ में इंस्टाग्राम यूजर आशुतोष कुमार मौर्य के खिलाफ भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी का प्रयास करने के मामले में थाना बिलरियागंज में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इससे पहले भर्ती बोर्ड ने लखनऊ के हुसैनगंज थाने में छह जून को टेलीग्राम चैनल Upp exam paper के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। सभी मामलों में पुलिस आरोपितों की तलाश कर रही है।
भ्रामक संदेशों से सावधान रहें अभ्यर्थी
भर्ती बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की भी गड़बड़ी का प्रयास करने वालों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराकर कठोर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित कराई जा रही है। अभ्यर्थी पेपर लीक का दावा करने वालों से पूरी तरह सावधान रहें। अभ्यर्थी ऐसे किसी भी कृत्य/व्यक्ति तथा भ्रामक संदेशों से पूरी तरह सतर्क रहें।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
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लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
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पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो
उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


